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China Space Station: चीन ने बनाया अपना नया अंतरिक्ष स्टेशन, अब अमेरिका और रूस जैसी शक्तियों को देगा टक्कर

Sun, 11 Dec 2022 08:22 PM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

अपना स्पेस स्टेशन बनाने के बाद चीन की अमेरिका और रूस जैसी दुनिया की दो शीर्ष अंतरिक्ष शक्तियों के बीच मजबूत उपस्थिति होगी। चीन अपना स्थायी अंतरिक्ष स्टेशन चलाने वाला दुनिया का तीसरा देश बन गया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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चीन एकमात्र ऐसा देश है जिसके पास पूरी क्षमताओं वाला एक अंतरिक्ष स्टेशन है जिसका नाम तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन है। यह नासा के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (एसएसएस) का प्रतिस्पर्धी होगा। चीन इस पर काफी सालों से काम कर रहा था। अब कोई भी इंसान चीन के तियांगोंग में भी रह सकता है। वहीं अब अपना स्पेस स्टेशन बनाने के बाद चीन की अमेरिका और रूस जैसी दुनिया की दो शीर्ष अंतरिक्ष शक्तियों के बीच मजबूत उपस्थिति  होगी। 

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एक समय में चीन के छह अंतरिक्ष यात्री एकसाथ
पिछले महीने चीन ने तीन अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष भेजा था जो घंटें में अपने गंतव्य तक पहुंच गए थे, इसके बाद से शेंजू मिशन को काफी सफल माना जा रहा था। इस मिशन के तहत अंतरिक्ष में गए तीन अंतरिक्ष यात्री वहां पहले से मौजूद दल की जगह लेंगे, जिसने स्टेशन के निर्माण में मदद की है। ऐसा पहली बार था जब चीन के छह अंतरिक्ष यात्री एक ही समय में अंतरिक्ष में थे।  

तियांगोंग पूरी तरह से चीन द्वारा निर्मित और संचालित है
वहीं इस मिशन के सफल होने के साथ ही, चीन अपना स्थायी अंतरिक्ष स्टेशन चलाने वाला दुनिया का तीसरा देश बन गया है। बता दें कि ‘तियांगोंग’ मंदारिन भाषा का शब्द है जिसका मतलब ‘स्वर्ग का महल’ होता है। अमेरिक के ‘अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन’ के विपरीत, तियांगोंग पूरी तरह से चीन द्वारा निर्मित और संचालित है। हालांकि रूस का स्पेस स्टेशन कई देशों के साथ मिलकर बनाई गई परियोजाना है।
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पाकिस्तान इस परियोजना में साथ आ सकता है
तियांगोंग अंतरिक्ष स्टेशन के तैयार हो जाने पर यह पाकिस्तान जैसे चीन के करीबी सहयोगियों और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के लिए भी उपलब्ध होने की उम्मीद है। इसके तैयार हो जाने पर चीन एकमात्र देश होगा जिसके पास अपना अंतरिक्ष स्टेशन होगा, जबकि अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) कई देशों की सामूहिक परियोजना है।

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