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ट्रेड वॉर: ट्रंप ने कहा, चीन ने समझौता तोड़ा, वो सोच रहे हैं कि मेरी जगह कोई और लेगा

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Mon, 13 May 2019 11:23 AM IST
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डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो) - फोटो : Instagram

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर व्यापार समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाया है। उन्होंने रविवार को कहा कि बीजिंग ये "सपना" देख रहा है कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद मेरी जगह कोई डेमोक्रेटिक पार्टी का सदस्य होगा। 



एक के बाद एक ट्वीट कर ट्रंप ने चीन के खिलाफ अपने सख्त होते रुख का संकेत दिया है। ट्रंप ने शुक्रवार को चीन से 200 अरब डॉलर मूल्य के आयात पर लगने वाला शुल्क 10 से बढ़ाकर 25 फीसदी कर दिया था। इसके बाद ट्रंप ने बाकी 300 बिलियन डालर से अधिक के चीनी आयात पर शुल्क में इसी तरह की वृद्धि की बात कही।


चीनी सामान पर शुल्क लगाने के अपने फैसले को सही ठहराते हुए ट्रंप ने कहा, "हम वहीं हैं, जहां हमें चीन के साथ होना चाहिए। याद रखें, उन्होंने हमारे साथ किया समझौता तोड़ा है और फिर से बातचीत की कोशिश कर रहा है।" ट्रंप ने कहा कि नए करों से अमेरिका को भारी राजस्व प्राप्त होगा।


ट्रंप ने कहा, "हम चीन से शुल्क में अरबों डॉलर प्राप्त करेंगे। सामान को खरीदने वाले खुद उसे अमेरिका में बना सकते हैं (समझौता), या फिर उसे (सामान) गैर-टैरिफ वाले देशों से खरीद सकते हैं...."


ट्रंप ने आगे कहा, "जो पैसा चीन हमारे किसानों (कृषि) पर खर्च नहीं करना चाहता, हम फिर उसे खर्च करेंगे। जो प्राप्त किए गए कुल शुल्क का छोटा सा हिस्सा है। और फिर दुनियाभर में भूख से पीड़ित लोगों को खाना वितरित करेंगे। ग्रेट.."


ट्रंप ने जोर देते हुए कहा कि चीन की योजना में तुरंत बदलाव इसलिए आया क्योंकि वो सोच रहे हैं कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद विपक्षी पार्टी के नेता उनकी (ट्रंप) जगह ले पाने में सक्षम हैं। ट्रंप ने कहा कि चीन ऐसा करके, सपना देख रहा है। ट्रंप ने कहा, "चीन ये सपना देख रहा है कि स्लीपी जो बाइडन या फिर कोई और 2020 में जीत जाएगा। उन्हें अमेरिका को धोखा देना अच्छा लग रहा है।"


एक टेलीविजन शो में ट्रंप के उच्च आर्थिक सलाहकार लैरी कुडलॉ ने कहा कि अमेरिका के उपभोक्ता बढ़े हुए कर को भरेंगे। उन्होंने कहा, "वो चीन नहीं है जो शुल्क का भुगतान करेगा, वो अमेरिकी निर्यातक होंगे, अमेरिकी कंपनी जो भुगतान करती हैं, वह वास्तव में एक कर वृद्धि है।"
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