ऑस्ट्रेलिया की संसद ने मंगलवार को एक नए कानून को पास किया, जिसके बाद विदेशी मुल्कों के साथ किए गए कैनबरा के समझौतों को विदेश नीति का हवाला देते हुए खत्म किया जा सकेगा। इससे चीन-ऑस्ट्रेलिया के बीच रिश्तों में खटास पैदा हो सकती है, क्योंकि बीजिंग ने हाल में कैनबरा के साथ कई द्विपक्षीय समझौतों पर हस्ताक्षर किया है। चीन ने पहले ही चेतावनी दी थी कि ये कानून द्विपक्षीय रिश्तों में तनाव पैदा कर सकता है।
क्या है यह नया कानून
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट की बताया गया कि नए कानून के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री अन्य देशों और उप-राष्ट्रीय निकायों जैसे राज्य और क्षेत्र सरकारों, स्थानीय परिषदों और विश्वविद्यालयों के बीच समझौतों को रद्द करने में सक्षम होंगे जहां वह मानते हैं कि वे विदेश नीति को कमजोर कर रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री मरीस पेन ने कहा, यह कानून इस बात को पुख्ता करेगा कि तेजी से भूमंडलीकृत दुनिया में जिन भी समझौतों पर हस्ताक्षर किया जाए, वह ऑस्ट्रेलिया की विदेश नीति के अनुरूप हों।
14 शिकायतों की सूची बनी विवाद की जड़
वहीं, इस कानून के बाद ऑस्ट्रेलिया और चीन के बीच रिश्तों में तल्खियां बढ़ सकती हैं, क्योंकि इसमें 14 शिकायतों की एक सूची को भी शामिल किया गया है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, 14 शिकायतों की सूची को पिछले महीने कैनबरा स्थित चीनी दूतावास द्वारा जारी किया गया था। इस सूची में कैनबरा द्वारा 2018 में हुआवेई के 5जी में शामिल होने पर प्रतिबंध और चीन विरोधी मीडिया रिपोर्ट्स भी शामिल हैं।
इन कानून से दोनों देशों के बीच बढ़ेंगी दूरियां
ऑस्ट्रेलियाई, अमेरिकी और ब्रिटिश सरकारों द्वारा आंशिक रूप से वित्त पोषित 'ऑस्ट्रेलियाई रणनीतिक नीति संस्थान' में एक शोधकर्ता नेथन एट्रील ने कहा, यह निश्चित रूप से दोनों सरकारों के बीच मौजूदा लड़ाई को कम करने में मदद करने वाला नहीं है, लेकिन जैसा कि बीजिंग को विदेशी देशों के साथ चीन के रिश्तों का दायरा तय करने का अधिकार है, वैसे ही कैनबरा को भी है।
अप्रैल से ही तनावपूर्ण हैं रिश्ते
चीन-ऑस्ट्रेलियाई संबंध अप्रैल से बिगड़ने शुरू हो गए थे। दरअसल, कैनबरा ने कोरोना वायरस महामारी की उत्पत्ति की स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच का प्रस्ताव देकर बीजिंग को क्रोधित कर दिया था। बीजिंग ने हाल के महीनों में अरबों डॉलर के ऑस्ट्रेलियाई निर्यात पर कई प्रतिबंध लगाए हैं, जिसमें गोमांस, जौ और वाइन शामिल हैं।