ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन (फाइल फोटो)
चीन ने शुक्रवार को कहा कि ‘एक चीन’ नीति के अनुपालन में अमेरिका ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन को देश से होकर जाने की अनुमति न दे। बता दें कि साई चार कैरेबियाई देशों की यात्रा पर हैं। वह गुरुवार को न्यूयॉर्क पहुंचीं, जहां उनके दो दिन ठहरने की संभावना है। वापसी में उनके डेनवर में ठहरने की संभावना है।
चीन का कहना है कि ताइवान उसका हिस्सा है और यह उसकी ‘एक चीन’ नीति के तहत आता है। ताइवान की आजादी की वकालत करने वाली साई के 2016 में सत्ता में आने के बाद से चीन ने ताइवान को लेकर अपना रूख सख्त कर दिया है। अमेरिका ने कहा है कि उसकी ‘एक चीन’ नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसके तहत अमेरिका आधिकारिक रूप से चीन को मान्यता देता है न कि ताइवान को।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने ‘एक चीन’ नीति के तहत किसी भी देश द्वारा ताइवान के साथ किसी भी किस्म के राजनयिक और सैन्य संबंध स्थापित करने पर कड़ा विरोध दोहराया। उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका ऐसे मुद्दों से उचित तरीके से निपटेगा ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता को नुकसान न हो।