चीन ने शुक्रवार को पाकिस्तान और अफगानिस्तान से तुरंत युद्धविराम करने की अपील की है। चीन ने दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य टकराव पर गहरी चिंता जताई है। चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि चीन इस स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है।
चीन ने क्या कहा?
माओ निंग ने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान करीबी पड़ोसी हैं। ये दोनों ही देश चीन के भी पड़ोसी और अच्छे दोस्त हैं। चीन इस टकराव के कारण हुई मौतों से बहुत दुखी है। उन्होंने साफ किया कि चीन हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का समर्थन करता है। चीन ने कहा दोनों पक्ष शांति और संयम से काम लें। उन्हें आपसी बातचीत से अपने मतभेदों को सुलझाए। चीन ने अपील की है कि हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए जल्द से जल्द सीजफायर किया जाए।
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शांति बनाए रखने की अपील की
चीनी प्रवक्ता के अनुसार, तनाव कम करना दोनों देशों और वहां के लोगों के हित में है। इससे पूरे इलाके में शांति और स्थिरता बनी रहेगी। माओ ने यह भी बताया कि चीन अपने स्तर पर दोनों देशों के मध्य बीच-बचाव की कोशिश कर रहा है। चीन हालात सुधारने और रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए सकारात्मक भूमिका निभाने को तैयार है। जब उनसे पूछा गया कि क्या चीन अपने नागरिकों और कंपनियों को वहां से निकालने या उड़ानें बंद करने पर विचार कर रहा है, तो उन्होंने कहा कि वे स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। चीन अपने नागरिकों को हर जरूरी मदद देगा।
क्या है मामला?
चीन एक विशेष तीन-पक्षीय व्यवस्था के जरिए पाकिस्तान और अफगानिस्तान से जुड़ा रहता है। वह समय-समय पर बैठकें करता है ताकि दोनों देशों के मतभेद दूर हो सकें। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल 'तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान' और 'बलूच लिबरेशन आर्मी' जैसे गुट कर रहे हैं। वहीं, अफगान तालिबान इन आरोपों को गलत बताता है। अफगानिस्तान का कहना है कि पाकिस्तानी सेना की हवाई कार्रवाई और आक्रामक रुख के कारण लड़ाई बढ़ रही है। चीन इन विवादों को खत्म कराकर क्षेत्र में अपना प्रभाव और शांति बनाए रखना चाहता है।
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