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‘26’ का खौफनाक संयोग: नेपाल की बाढ़ से चेरनोबिल और मुंबई हमले तक; इस तारीख ने देखीं दुनिया की बड़ी त्रासदियां

Mon, 31 Aug 2026 07:02 PM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

26 तारीख को हुई ये त्रासदियां निश्चित रूप से एक भयावह संयोग का एहसास कराती हैं, लेकिन किसी तारीख के अपने आप में आपदा या दुर्भाग्य लाने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। फिर भी 26 तारीख से जुड़ी इन घटनाओं की लंबी सूची इतिहास में दर्ज तबाही के एक असाधारण संयोग के रूप में जरूर सामने आती है।
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अमर उजाला ग्राफिक्स - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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क्या 26 तारीख मनहूस है? 26 अगस्त को नेपाल में तबाही मचाने वाली विनाशकारी अचानक आई बाढ़ ने 26 तारीख को हुई उन बड़ी त्रासदियों की लंबी और भयावह सूची में एक और घटना जोड़ दी है, जिनमें हजारों-लाखों लोगों की जान गई। इस सिलसिले की शुरुआत 1939 में तुर्की में आए उस भूकंप से होती है, जिसमें 32,700 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और यह सिलसिला 2004 की ‘बॉक्सिंग डे’ सुनामी तक पहुंचता है, जिसमें 2.28 लाख लोग मारे गए, लापता हुए या फिर मृत मान लिए गए। और ऐसा नहीं है कि 26 तारीख का यह संयोग सिर्फ प्राकृतिक आपदाओं तक सीमित है। इनमें 2001 का गुजरात भूकंप भी शामिल है, जिसमें करीब 20,000 लोगों की जान गई थी। यही तारीख 26 नवंबर, 2008 को मुंबई में हुए आतंकी हमलों की शुरुआत की भी गवाह बनी थी और 26 अप्रैल, 1986 को चेरनोबिल परमाणु दुर्घटना भी इसी दिन हुई थी।

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आइए नजर डालते हैं 26 तारीख को हुई उन प्रमुख त्रासदियों पर:

प्राकृतिक आपदाएं
26 अगस्त, 2026: नेपाल में अचानक आई बाढ़
नेपाल के रसुवा जिले और निचले इलाकों में अचानक आई भीषण बाढ़ ने तबाही मचा दी। भोटे कोशी नदी तंत्र में पानी और मलबे का अचानक तेज बहाव आने के बाद यह बाढ़ आई। बाढ़ ने बस्तियों को जलमग्न कर दिया, सड़कें और पुल बह गए तथा जलविद्युत परियोजनाओं और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा। 31 अगस्त तक अधिकारियों के मुताबिक, 900 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी थी और करीब 4,500 लोग लापता थे।

26 अक्टूबर, 2015: हिंदू कुश भूकंप
7.5 तीव्रता का भूकंप हिंदू कुश क्षेत्र में आया, जिसका असर अफगानिस्तान, पाकिस्तान और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों तक महसूस किया गया। भूकंप से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ और करीब 400 लोगों की मौत की खबर सामने आई। इनमें सबसे ज्यादा लोग पाकिस्तान और अफगानिस्तान में हताहत हुए।
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26 मई, 2006: योग्याकार्ता भूकंप, इंडोनेशिया
इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर योग्याकार्ता के पास 6.3 तीव्रता का भूकंप आया। इससे बड़े पैमाने पर तबाही हुई। हजारों घर और इमारतें क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हो गईं और 5,700 से अधिक लोगों की मौत हुई।

26 जुलाई, 2005: महाराष्ट्र में बाढ़
26 जुलाई, 2005 को महाराष्ट्र में बेहद भारी मानसूनी बारिश हुई, जिसने खासकर मुंबई में विनाशकारी बाढ़ का रूप ले लिया। मुंबई में 24 घंटे के भीतर करीब 944 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। सड़कें, घर और रेलवे लाइनें पानी में डूब गईं और शहर की सामान्य रफ्तार पूरी तरह थम गई। महाराष्ट्र में इस आपदा के कारण कुल 1,094 लोगों की मौत हुई।

26 दिसंबर, 2004: हिंद महासागर में भूकंप और सुनामी
26 दिसंबर को सुमात्रा के तट के पास 9.1 तीव्रता का भूकंप आया, जिसने हिंद महासागर में विनाशकारी सुनामी को जन्म दिया। सुनामी की लहरों ने हिंद महासागर से लगे कई देशों में भारी तबाही मचाई। इंडोनेशिया, श्रीलंका, भारत और थाईलैंड सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में शामिल थे। करीब 2.28 लाख लोग मारे गए या लापता होने के बाद मृत मान लिए गए। यह आधुनिक इतिहास की सबसे घातक प्राकृतिक आपदाओं में से एक थी।

26 दिसंबर, 2003: बाम भूकंप, ईरान
26 दिसंबर को ईरान के बाम शहर में 6.6 तीव्रता का भूकंप आया। इसने ऐतिहासिक शहर और आसपास की बस्तियों का बड़ा हिस्सा तबाह कर दिया। हजारों इमारतें ढह गईं। मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग अनुमान सामने आए, लेकिन करीब 31,000 मौतों का आंकड़ा व्यापक रूप से बताया गया।

25-26 मार्च, 2002: अफगानिस्तान में भूकंप
25 और 26 मार्च की रात उत्तरी अफगानिस्तान में भूकंपों की एक श्रृंखला ने तबाही मचा दी। बगलान प्रांत के कई इलाके बुरी तरह प्रभावित हुए। मिट्टी से बने घर ढह गए और हजारों लोग बेघर हो गए। शुरुआती अनुमानों में मृतकों की संख्या 1,800 तक बताई गई थी, हालांकि राहत और बचाव अभियान के दौरान बाद के आकलनों में यह संख्या काफी अलग रही।

26 जनवरी, 2001: गुजरात भूकंप
26 जनवरी, 2001 को आए शक्तिशाली भूकंप ने गुजरात के बड़े हिस्से को तबाह कर दिया। कच्छ क्षेत्र विशेष रूप से बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस भूकंप में 1.66 लाख से अधिक लोग घायल हुए और करीब 20,000 लोगों की मौत हुई।

26 अप्रैल, 1990: गोंगहे भूकंप, चीन
26 अप्रैल, 1990 को चीन के किंघाई प्रांत में 7 तीव्रता का भूकंप आया। गोंगहे क्षेत्र में इससे भारी तबाही हुई और 100 से अधिक लोगों की मौत हुई।

26 नवंबर, 1987: पंतर भूकंप और सुनामी, इंडोनेशिया
26 नवंबर, 1987 को इंडोनेशिया के पंतर क्षेत्र में 6.5 तीव्रता का भूकंप आया। इस भूकंप के कारण सुनामी भी आई, जिसमें 125 लोगों की मौत हुई।

26 मई, 1983: जापान में सी ऑफ जापान भूकंप और सुनामी
26 मई, 1983 को उत्तरी जापान के तट से दूर 7.8 तीव्रता का भूकंप आया। इसके बाद आई सुनामी ने अकिता और आओमोरी प्रांतों के तटीय इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस आपदा में ज्यादातर मौतें सुनामी के कारण हुईं और कुल 104 लोगों की जान गई।

26 जुलाई, 1963: स्कोप्जे भूकंप
26 जुलाई, 1963 को तत्कालीन यूगोस्लाविया के स्कोप्जे में 6.1 तीव्रता का भूकंप आया। इसने शहर के बड़े हिस्से को तबाह कर दिया। 2 लाख से अधिक लोग बेघर हो गए और करीब 1,070 लोगों की मौत हुई।

26 नवंबर, 1943: लाडिक भूकंप, तुर्की
26 नवंबर, 1943 को तुर्की के लाडिक-सैमसन-हव्जा क्षेत्र में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया। उत्तरी तुर्की में इसने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई और करीब 4,020 लोगों की मौत हुई।

26-27 दिसंबर, 1939: एरजिंकान भूकंप, तुर्की
26 दिसंबर, 1939 को तुर्की के एरजिंकान क्षेत्र में 7.8 तीव्रता का भूकंप आया। उत्तरी अनातोलियन फॉल्ट के साथ इस भूकंप ने व्यापक तबाही मचाई। हजारों इमारतें ढह गईं और करीब 32,700 लोगों की मौत हुई।

26 सितंबर, 1932: लेरिसोस भूकंप, ग्रीस
26 सितंबर, 1932 को ग्रीस के चाल्किडिकी प्रायद्वीप में शक्तिशाली भूकंप आया। लेरिसोस और आसपास के इलाकों में भारी नुकसान हुआ। सैकड़ों मकान तबाह हो गए और सुनामी भी दर्ज की गई। ऐतिहासिक अनुमानों के मुताबिक इस आपदा में करीब 160 से लेकर लगभग 500 लोगों तक की मौत हुई थी।

26 नवंबर, 1930: नॉर्थ इजु भूकंप, जापान
26 नवंबर, 1930 को जापान के इजु प्रायद्वीप में 7.3 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप के बाद भूस्खलन और आग ने तबाही को और बढ़ा दिया। करीब 250 लोगों के मारे जाने की खबर थी, जबकि बाद के आंकड़ों में मृतकों की संख्या 272 बताई गई।

मानव निर्मित त्रासदियां
26 सितंबर, 2023: कराकोश वेडिंग हॉल में आग, इराक
मोसुल के पास कराकोश में एक विवाह समारोह के दौरान आग लग गई। इनडोर आतिशबाजी से अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री में आग भड़क उठी और देखते ही देखते पूरे हॉल में फैल गई। इस हादसे में 100 से अधिक लोगों की मौत हुई और दर्जनों लोग घायल हुए।

26 अगस्त, 2021: काबुल एयरपोर्ट बम धमाका
26 अगस्त, 2021 को अफगानिस्तान में अमेरिकी नेतृत्व वाले निकासी अभियान के दौरान काबुल के हामिद करजई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पास इस्लामिक स्टेट-खुरासान प्रांत के एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोट किया। उस समय हजारों लोग देश से बाहर निकलने के लिए एयरपोर्ट के आसपास जमा थे। हमले में कम से कम 183 लोगों की मौत हुई, जिनमें 170 अफगान नागरिक और 13 अमेरिकी सैन्यकर्मी शामिल थे।

26 नवंबर, 2008: मुंबई आतंकी हमले
26 नवंबर, 2008 की रात मुंबई में आतंकी हमलों की शुरुआत हुई। लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और ताज महल पैलेस होटल समेत कई स्थानों को निशाना बनाया। यह आतंकी घेराबंदी करीब तीन दिन तक चली। हमलों में कुल 166 लोगों की मौत हुई, जबकि नौ आतंकवादी भी मारे गए। 300 से अधिक लोग घायल हुए।

26 मई, 1991: लाउडा एयर फ्लाइट 004 हादसा
बैंकॉक से वियना जा रहा लाउडा एयर का बोइंग 767 विमान 26 मई, 1991 को थाईलैंड में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान के एक इंजन का थ्रस्ट रिवर्सर अचानक सक्रिय हो गया, जिससे विमान नियंत्रण खो बैठा और हवा में ही टूट गया। विमान में सवार सभी 223 लोगों की मौत हो गई।

26 अप्रैल, 1986: चेरनोबिल परमाणु आपदा
तत्कालीन सोवियत संघ के यूक्रेन में स्थित चेरनोबिल परमाणु ऊर्जा संयंत्र के रिएक्टर नंबर 4 में 26 अप्रैल, 1986 को एक सुरक्षा परीक्षण के दौरान विस्फोट हुआ। इस दुर्घटना के कारण बड़ी मात्रा में रेडियोधर्मी पदार्थ वातावरण में फैल गया। तत्काल आधिकारिक मृतक संख्या 31 थी, जबकि इस हादसे के कारण यूरोप के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर विकिरण का असर पड़ा। विकिरण के कारण लंबे समय में हुई मौतों का आंकड़ा वैज्ञानिक आकलन का विषय है और इसे सीधे तौर पर गिने गए मृतकों की संख्या नहीं माना जा सकता।

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26 अप्रैल, 1942: बेंशिहू कोयला खदान हादसा, चीन
26 अप्रैल, 1942 को चीन के लियाओनिंग प्रांत की बेंशिहू कोयला खदान में गैस और कोयले की धूल के विस्फोट ने भीषण तबाही मचा दी। विस्फोट के बाद कार्बन मोनोऑक्साइड के संपर्क में आने से 1,549 खनिकों की मौत हो गई। यह इतिहास की सबसे घातक खनन दुर्घटनाओं में से एक थी।

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