संयुक्त राष्ट्र (प्रतीकात्मक तस्वीर)
संयुक्त राष्ट्र की तरफ से जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरिया की 43 प्रतिशत से अधिक आबादी यानी लगभग 1.1 करोड़ लोगों के पास भोजन की बुरी हद तक कमी है। इस कारण वहां पर ऐसे बच्चे कुपोषित हैं और लगातार कुपोषण का शिकार हो रहे हैं।
उत्तर कोरिया में संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के प्रमुख तपन मिश्रा की रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्तर कोरिया में व्यापक कुपोषण से बच्चों की पूरी पीढ़ी को खतरा है। यहां हालत यह है कि हर पांच में से एक बच्चे की मौत कुपोषण के कारण हो जाती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अत्यंत सीमित स्वास्थ्य देखभाल और स्वच्छ पानी व स्वच्छता के अभाव के चलते बच्चों को उन बीमारियों से भी मरने का खतरा है, जिनका इलाज संभव है।
मिश्रा ने कहा कि उत्तर कोरिया के 60 लाख कुपोषित लोगों की मदद करने के लिए पिछले साल संयुक्त राष्ट्र ने 11.1 करोड़ डॉलर की सहायता राशि की अपील की थी, जिसका केवल 24 प्रतिशत ही दिया गया है।
कृषि तकनीकों का विकास न होने के कारण घटा उत्पादन
तपन मिश्रा ने अपनी रिपोर्ट में खाद्यान्न की कमी के कारण भी बताए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरिया में कृषि के आधुनिक तौर-तरीकों का विस्तार नहीं हो पा रहा है और कृषि योग्य भूमि भी लगातार कम हो रही है। इसका सीधा असर फसल और उत्पादन पर पड़ रहा है। पिछले साल लू और गर्म हवाओं के कारण कृषि फसलों को काफी नुकसान हो चुका है।