ईरान में ड्रेस कोड संबंधी आदेशों के उल्लंघन के बढ़ते मामलों के बीच मुख्य न्यायाधीश ने नई चेतावनी दी है। उनका कहना है कि ऐसा करने वाली महिलाओं के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही में कोई रहम नहीं बरता जाएगा। घोलमहोसिन मोहसेनी एजेई की यह चेतावनी गृह मंत्रालय के एक बयान के बाद आई है, जिसमें सरकार ने हिजाब कानून की अनिवार्यता का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।
घोलमहोसिन ने कही यह बात
ईरानी मीडिया ने शनिवार को घोलमहोसिन के हवाले से कहा कि कानून प्रवर्तन अधिकारी धार्मिक कानून के खिलाफ व सार्वजनिक स्थानों पर होने वाले किसी भी प्रकार के अपराध पर कार्रवाई करने और उस संबंध में न्यायालय में मुकदमा चलाने के लिए जिम्मेदार हैं।
क्या सजा दी जाएगी? यह स्पष्ट नहीं
हालांकि, ईरानी मुख्य न्यायाधीश ने यह स्पष्ट नहीं किया कि हिजाब न पहनने पर महिलाओं को क्या सजा दी जाएगी। दरअसल, गत वर्ष सितंबर में 22 वर्षीय कुर्दिश महिला महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद ईरान में राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन हुए थे। इससे सरकार सहम गई थी और प्रदर्शनों को दबाने के लिए बल प्रयोग का सहारा लिया था।