पिछले कई महीनों से बांग्लादेश में राजनीतिक दल नए सिरे से आम चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार ने पहले अप्रैल 2026 में चुनाव कराने का एलान किया था। अब उन्होंने चुनाव को लेकर नई घोषणा की है।
बांग्लादेश में आम चुनाव को लेकर अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि देश में आम चुनाव अगले साल फरवरी में होंगे।
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पिछले वर्ष हुए आंदोलन की पहली वर्षगांठ पर राष्ट्र के नाम संबोधन में मोहम्मद यूनुस ने कहा कि अंतरिम सरकार की ओर से मैं मुख्य चुनाव आयुक्त को एक पत्र भेजूंगा। इसमें चुनाव आयोग से अनुरोध किया जाएगा कि वह आगामी रमजान से पहले फरवरी 2026 में राष्ट्रीय चुनाव कराए।
जुलाई 2024 में हुए जनविद्रोह के बाद शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया गया था। इस जनविद्रोह में बड़ी संख्या में छात्रों ने हिस्सा लिया था। अंततः 5 अगस्त 2024 को हसीना सरकार गिर गई और वह भारत चली गईं। इसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बनी अंतरिम सरकार ने देश में लोकतांत्रिक माहौल बहाल करने का वादा किया था। पिछले कई महीनों से बांग्लादेश में राजनीतिक दल नए सिरे से आम चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं।
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पहले बांग्लादेश की अंतरिम सरकार अप्रैल 2026 में चुनाव कराने की बात कही थी। पिछले दिनों बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मुहम्मद यूनुस ने कहा था कि न्याय, सुधार और चुनाव से संबंधित चल रही सुधार गतिविधियों की समीक्षा के बाद मैं आज देशवासियों को घोषणा कर रहा हूं कि अगले राष्ट्रीय चुनाव अप्रैल 2026 के पहले पखवाड़े में होंगे।
खालिदा जिया की पार्टी कर रही पहले चुनाव कराने की मांग
खालिदा जिया की पार्टी बीएनपी और उसकी विचारधारा वाले अन्य दल मांग कर रहे हैं कि चुनाव दिसंबर तक हो जाएं। खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने 28 मई को यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए दिसंबर तक चुनाव कराने की मांग को लेकर ढाका में एक विशाल रैली निकाली थी।
जुलाई में विद्रोह करने वाले नेताओं से बनी नई राजनीतिक पार्टी नेशनल सिटिजन पार्टी सुधारों के पूरा होने के बाद चुनाव कराने पर जोर दे रही है। जमात-ए-इस्लामी का भी शुरू में एनसीपी जैसा ही रुख था। पार्टी ने तब कहा था कि चुनाव रमजान से पहले फरवरी में हो सकते हैं। जमात के शीर्ष नेताओं ने कहा था कि चुनाव दिसंबर से अप्रैल के बीच हो सकते हैं। सेना प्रमुख जनरल वकर-उज-जमान ने 21 मई को कहा था कि राष्ट्रीय चुनाव इस साल दिसंबर तक हो जाने चाहिए।