अमेरिका आधारित एक अधिकार समूह कैंपेन फॉर उइगर्स (सीएफयू) ने ब्रिटेन की संसद को पत्र लिखा है कि वह उइगरों के खिलाफ चीन में हो रहे मानवाधिकार हनन पर ध्यान दे। सीएफयू ने कहा, ब्रिटिश संसद में भारतीय किसानों के विरोध पर चर्चा हो सकती है तो चीन में मुस्लिमों के खिलाफ जारी सरकारी अत्याचारों पर भी बोलने का मौका मिलना चाहिए।
सीएफयू ने ब्रिटिश संसद को लिखे पत्र में कहा है कि कृपया दरवाजे खोलें और हमें बोलने की अनुमति दें। यदि ब्रिटेन सार्थक कार्रवाई के साथ उइगर नरसंहार पर कुछ भी करने में नाकाम रहा तो चीन में इसी तरह अंतरात्मा की आवाज दबाई जाती रहेगी।
पत्र में उम्मीद जताई गई कि उइगर लोगों के खिलाफ चीन के क्रूर शासन में अत्याचारों की निंदा की जाएगी, ताकि विश्व में चीन पर दबाव बनाया जा सके। समूह ने लिखा, चूंकि उइगर सक्रिय नरसंहार का सामना कर रहे हैं इसलिए सीएफयू को समर्थन देना होगा और गवाही के लिए ब्रिटेन की संसद में एक दिन की अनुमति देना होगा।