बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। अब उन पर 'मानवता के खिलाफ अपराध' का मामला चलाया जाएगा, जिसकी जांच लगभग पूरी हो चुकी है। अभियोक्ता वकीलों ने बृहस्पतिवार को इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मामला दायर करने की औपचारिकता भी लगभग पूरी कर ली गई है। अब मामले को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) के समक्ष दायर किया जाएगा।
न्यायाधिकरण के मुख्य अभियोक्ता मोहम्मद तजुल इस्लाम ने इस संबंध में अपने कार्यालय में पत्रकारों से बात की। उन्होंने बताया कि अब तक चार मामलों की जांच अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। इनमें से एक मामला शेख हसीना के खिलाफ दायर किया गया है।
5 अगस्त 2024 को गिर गई थी आवामी लीग सरकार
बता दें कि पिछले साल आरक्षण की मांग को लेकर बांग्लादेश में हिंसा भड़की थी। छात्रों के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शनों के कारण 5 अगस्त 2024 को हसीना की आवामी लीग सरकार गिर गई, जिसके कारण हसीना को देश छोड़कर भारत भागना पड़ा। उन पर न्यायाधिकरण में विद्रोह के दौरान सामूहिक हत्याओं और जबरन गायब करने का आरोप लगाया गया था। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने भारत सरकार को एक राजनयिक नोट भेजकर हसीना के प्रत्यर्पण की मांग की थी, जिसे सरकार ने बिना किसी टिप्पणी के स्वीकार कर लिया।
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न्यायाधिकरण में 339 शिकायतें दर्ज की गईं
न्यायाधिकरण के मुख्य अभियोक्ता इस्लाम ने बताया कि जुलाई-अगस्त 2024 में हुए विद्रोह के दौरान मानवता के खिलाफ कथित अपराधों के लिए अब तक पिछली सरकार के मंत्रियों सहित 141 लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। इनमें से 54 लोग हिरासत में हैं। बाकी देश और विदेश में छिपे हुए हैं। उन्होंने बताया कि इन लोगों पर न्यायाधिकरण में मुकदमा चलाया जाना तय है। न्यायाधिकरण में 339 शिकायतें दर्ज की गई हैं।
10 पूर्व मंत्रियों के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी करने का निर्देश
मुख्य अभियोक्ता इस्लाम ने बताया कि न्यायाधिकरण ने गृह मंत्रालय को हसीना सरकार के 10 पूर्व मंत्रियों और अन्य हाई-प्रोफाइल लोगों के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है, ताकि विदेश में छिपे उन लोगों को गिरफ्तार किया जा सके। इस्लाम के अनुसार, विदेश में छिपे लोगों में आवामी लीग के महासचिव और पूर्व सड़क परिवहन मंत्री ओबैदुल कादर, पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल, पूर्व मुक्ति युद्ध मामलों के मंत्री एकेएम मोजम्मल हक, पूर्व विदेश मंत्री हसन महमूद और हसीना के रक्षा मामलों के सलाहकार पूर्व मेजर जनरल तारिक अहमद सिद्दीकी शामिल हैं। इसके अलावा, पूर्व सूचना कनिष्ठ मंत्री अली अराफात, ऊर्जा राज्य मंत्री नसरुल हामिद बिपु, शिक्षा राज्य मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नोफेल और दक्षिण ढाका के पूर्व मेयर तथा हसीना के भतीजे शेख फजले नूर तपोश जैसे कई अन्य लोगों का नाम भी इंटरपोल कार्रवाई की सूची में प्रस्तावित है।
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न्यायाधिकरण ने याचिकाओं को स्वीकार किया
मुख्य अभियोजक इस्लाम के अनुसार, अभियोजन पक्ष ने न्यायाधिकरण के समक्ष कई याचिकाएं दायर की थीं। इनमें पुलिस महानिरीक्षक को इंटरपोल के माध्यम से इन 10 व्यक्तियों को गिरफ्तार करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की गई। उन्होंने बताया कि न्यायाधिकरण ने याचिकाओं को स्वीकार कर लिया है। अब पुलिस मुख्यालय को आदेश भेज दिए गए हैं।
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