फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bangladesh: चिन्मय कृष्ण दास और उनके अनुयायियों के खिलाफ एक और मामला दर्ज, पुलिस के साथ हुई थी झड़प

Sun, 08 Dec 2024 09:06 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका।

सार

Bangladesh: बांग्लादेश के चटगांव में पुलिस और हिंदू भिक्षु चिन्मय कृष्ण दास और उनके अनुयायियों के खिलाफ रविवार को मामला दर्ज किया गया है। मामले में देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार हिंदू नेता को मुख्य आरोपी बनाया गया है।
विज्ञापन
चिन्मय कृष्ण दास - फोटो : एएनआई (फाइल)
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बांग्लादेश के चटगांव के अदालत परिसर में हिंदू पुजारी चिन्मय कृष्ण दास के समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। 
विज्ञापन


'ढाका ट्रिब्यून' अखबार की खबर के मुताबिक, इस मामले में देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार हिंदू संत को मुख्य आरोपी बनाया गया है। साथ ही 164 पहचाने गए व्यक्तियों और 400-500 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। प्राथमिकी हिफाजत-ए-इस्लाम के कार्यकर्ता इनामुल हक ने चटगांव मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में दर्ज कराई है।

हक ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि 26 नवंबर को कोर्ट में जमीन की रजिस्ट्री का काम पूरा करने के बाद घर लौटते समय चिन्मय कृष्ण दास के अनुयायियों ने उन पर हमला किया। जिससे उनके दाहिने हाथ और सिर में चोट लग गई। हक ने आरोप लगाया था कि उन्हें सिर्फ इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उन्होंने कुर्ता-पजामा और टोपी पहन रखी थी। हक के मुताबिक, उन्हें राहगीरों ने बचाया और फिर चटगांव के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। व्यापारी ने हमलावरों को चिन्मय कृ्ष्ण दास के अनुयायी बताया और कहा कि उनकी ओर से शिकायत दर्ज कराने में देरी उनकी बीमारी के कारण हुई। 
विज्ञापन


यह घटना चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद हुई हिंसक घटनाओं की कड़ी में एक और झड़प थी। संत दास बांग्लादेश सम्मिलित सनातनी जागरण जोत के प्रवक्ता हैं। उन्हें 25 नवंबर को ढाका हजर शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके अनुयायियों ने बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किए। इससे पहले 27 नवंबर को चटगांव के कोटवाली थाने में तीन मामले दर्ज किए गए थे, जिसमें पुलिस के काम में बाधा डालने और उन पर हमले करने के आरोप थे। चिन्मय दास की गिरफ्तारी और हिंदुओं पर हो रहे लगातार हमलों के बाद भारत और बांग्लादेश के संबंध और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं। 
विज्ञापन


संबंधित वीडियो-

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें