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गहरे जख्म लेकिन हौसला बुलंद: कैप्टन स्मित की नई तस्वीर आई सामने, जानें कब इस्राइल देगा सबसे बड़ा वीरता सम्मान

Sun, 11 Oct 2026 07:44 AM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की नई तस्वीर सामने आई है, जिसमें वह इस्राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग का पत्र पढ़ते दिख रहे हैं। राष्ट्रपति हर्जोग ने उन्हें इस्राइल के नागरिक वीरता के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करने का एलान किया है।
 
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कैप्टन स्मित मच्छार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अबू धाबी के अस्पताल में इलाज करा रहे भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार की नई तस्वीर सामने आई है। तस्वीर में वह इस्राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग का पत्र पढ़ते नजर आ रहे हैं। उनकी बहादुरी से प्रभावित राष्ट्रपति हर्जोग ने उन्हें इस्राइल के सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान से सम्मानित करने का एलान किया है। मच्छार को भेजे अपने पत्र में हर्जोग ने कहा है कि स्मित के पूरी तरह ठीक होने के बाद उन्हें यरुशलम बुलाकर यह सम्मान दिया जाएगा। 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान में हुए खौफनाक घटनाक्रम के दौरान स्मित ने जिस हिम्मत और सूझबूझ का परिचय दिया, उससे विमान में सवार 180 लोगों की जान बच गई।

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अस्पताल में इलाज के बीच मिला राष्ट्रपति का खास संदेश
इस्राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर कैप्टन स्मित मच्छार की जमकर तारीफ की। उन्होंने अपने संदेश में भारतीय पायलट को इस्राइल, भारत और पूरी मानवता का हीरो बताया। हर्जोग ने कहा कि उन्होंने स्मित को भेजे पत्र में उनके जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना की है। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि स्मित के ठीक होने और दोबारा ताकत हासिल करने के बाद यरुशलम में उनका स्वागत करना उनके लिए सम्मान की बात होगी। हर्जोग ने लिखा, 'कैप्टन स्मित मच्छार, आप इस्राइल, भारत और पूरी मानवता के हीरो हैं!' उन्होंने आगे कहा कि वह स्मित से मिलकर उन्हें इस्राइल के नागरिक वीरता के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करने के लिए उत्सुक हैं।

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राष्ट्रपति के पत्र में छलका स्मित की बहादुरी के लिए सम्मान
4 अक्टूबर को लिखे अपने पत्र में राष्ट्रपति हर्जोग ने कैप्टन स्मित के साहस, हौसले और विमान को सुरक्षित रखने के उनके प्रयासों की सराहना की थी। उन्होंने कहा कि जिस तरह की स्थिति से पायलट को गुजरना पड़ा, उसकी कल्पना करना भी मुश्किल है। विमान के कॉकपिट में जान का खतरा सामने होने और गंभीर दर्द से जूझने के बावजूद स्मित ने अपना धैर्य बनाए रखा और सही फैसले लिए। हर्जोग ने पत्र में लिखा कि घटनाक्रम किसी रोमांचक फिल्म जैसा लगता है, लेकिन उस समय कॉकपिट में मौजूद लोगों ने किस डर और तनाव का सामना किया होगा, इसका अंदाजा लगाना भी मुश्किल है। ऐसे हालात में खुद को संभालना, जान पर मंडराते खतरे का मुकाबला करना और समझदारी से काम लेना स्मित के मजबूत चरित्र और अदम्य साहस को दिखाता है।

इस्राइल के इतिहास से जोड़ी भारतीय पायलट की वीरता
राष्ट्रपति हर्जोग ने कैप्टन स्मित की बहादुरी की तुलना एक सदी से भी पहले पवित्र भूमि के शहरों को आजाद कराने के लिए लड़ने वाले भारतीय सैनिकों के साहस से की। उन्होंने कहा कि उन भारतीय सैनिकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर इतिहास रचा था और इस्राइल के इतिहास में हमेशा के लिए अपनी जगह बनाई थी। हर्जोग के मुताबिक, कैप्टन स्मित ने भी अपनी बहादुरी से इस्राइल के लोगों के दिलों में खास जगह बना ली है। उनका साहस भारत और इस्राइल के बीच दोस्ती और आपसी रिश्तों को और मजबूत करेगा। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि स्मित जल्द स्वस्थ होंगे। उन्होंने उनके इलाज के दौरान संयुक्त अरब अमीरात में मिल रही देखभाल का जिक्र करते हुए उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

छह इस्राइली नागरिकों को भी मिला नागरिक वीरता सम्मान
कैप्टन स्मित को सम्मानित करने का ऐलान उस समय किया गया, जब राष्ट्रपति हर्जोग फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में कथित तौर पर विमान को हाईजैक कर दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश को नाकाम करने में मदद करने वाले छह इस्राइली नागरिकों को सम्मानित कर रहे थे। इस्राइल के सरकारी प्रेस कार्यालय के मुताबिक, राष्ट्रपति ने इन नागरिकों को प्रेसिडेंशियल मेडल फॉर सिविलियन हीरोइज्म यानी नागरिक वीरता के लिए राष्ट्रपति पदक प्रदान किया। इसी दौरान उन्होंने भारतीय पायलट के साहस और पेशेवर क्षमता की तारीफ करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से एक बड़ी त्रासदी टल गई। हर्जोग ने दोहराया कि स्मित के स्वस्थ होने के बाद उन्हें भी यह सम्मान देना उनके लिए गर्व की बात होगी। सम्मान पाने वाले छह इस्राइली नागरिकों के नाम ताली मानेस, ज्विका मानेस, यानिव हयून, डॉ. शोता मुसायेव, असफ राजुआन और ओर पारदिलॉव हैं। इन लोगों ने विमान में पैदा हुए संकट के दौरान अहम भूमिका निभाई थी।

कॉकपिट में जानलेवा हमला, फिर भी नहीं टूटा स्मित का हौसला
30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान कैप्टन स्मित मच्छर और उनके सह-पायलट हमाम अल-हमामी के बीच कॉकपिट में हिंसक झड़प हुई थी। रिपोर्टों के मुताबिक, ओमान के रहने वाले सह-पायलट ने भारतीय कप्तान पर हमला कर दिया था। बताया गया कि उसने स्मित पर कुल्हाड़ी से वार किया और विमान को गिराने की कोशिश की। गंभीर चोटों के बावजूद स्मित ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाबी हासिल की, जिसके बाद यात्री और विमान में मौजूद ड्यूटी पर नहीं रहे चालक दल के सदस्य अंदर पहुंच सके। उन्होंने मिलकर हमलावर सह-पायलट को काबू में किया। इस दौरान हालात इतने बिगड़ गए कि विमान तेजी से नीचे आने लगा।

दो मिनट में 16 हजार फीट नीचे आ गया विमान
इस खतरनाक घटनाक्रम के दौरान विमान करीब दो मिनट में लगभग 16 हजार फीट नीचे आ गया। इसके बाद विमान से हाईजैक की आपातकालीन सूचना भेजी गई। हालात को देखते हुए उड़ान का रास्ता बदला गया और विमान की सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। इस घटना के दौरान विमान में कुल 180 लोग सवार थे। राहत की बात यह रही कि सभी लोग विमान से सुरक्षित बाहर निकल आए और किसी को चोट लगने की खबर नहीं आई। कैप्टन स्मित की सूझबूझ और यात्रियों व चालक दल के सदस्यों की मदद से एक बड़ा हादसा टल गया।

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अबू धाबी के अस्पताल में चल रहा है इलाज
इस घटना में गंभीर रूप से घायल हुए कैप्टन स्मित मच्छर का अबू धाबी के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। उनके स्वास्थ्य में सुधार और पूरी तरह ठीक होने की उम्मीद के बीच इस्राइल के राष्ट्रपति की ओर से मिला सम्मान का ऐलान उनके साहस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान के तौर पर देखा जा रहा है। संयुक्त अरब अमीरात में भारतीय दूतावास भी लगातार स्मित के संपर्क में है। दूतावास के अधिकारी उनके परिवार, अस्पताल प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं और उनके इलाज व देखभाल के दौरान जरूरी मदद मुहैया करा रहे हैं। फिलहाल सभी को उनके पूरी तरह स्वस्थ होने का इंतजार है, ताकि वह सम्मान स्वीकार करने के लिए यरुशलम जा सकें।

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