संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने फ्लाईदुबई के घायल पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को ‘भारत का बहादुर बेटा’ बताते हुए कहा कि उन्होंने बड़ी बहादुरी और साहस का परिचय देकर बड़ी त्रासदी को टाल दिया। उन्होंने गुरुवार को दुबई में कैप्टन स्मित के परिवार से मुलाकात कर भारत सरकार की ओर से उन्हें हर संभव सहयोग और समर्थन का भरोसा दिया।
राजदूत दीपक मित्तल ने कहा कि कैप्टन स्मित ने असाधारण बहादुरी और साहस का प्रदर्शन करते हुए कई लोगों की अनमोल जान बचाई और एक बड़ी त्रासदी को टालने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा, मैंने आज दुबई में परिवार, उनकी पत्नी, भाई और परिवार के अन्य सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें कैप्टन स्मित के कल्याण और स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने में भारत सरकार के पूर्ण समर्थन का भरोसा दिया।
मित्तल ने बताया कि भारतीय मिशन लगातार पायलट के परिवार और यूएई के अधिकारियों के संपर्क में है। उन्होंने कहा कि स्थानीय अधिकारियों ने भी घायल भारतीय पायलट और उनके परिवार को हर संभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा, "हमें भारत के इस बहादुर बेटे पर बहुत गर्व है और हम उन्हें पूरा सहयोग और समर्थन देना जारी रखेंगे।"
स्मित के परिवार से मिले राजदूत दीपक मित्तल
दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अनुसार, राजदूत दीपक मित्तल और भारत के महावाणिज्यदूत ई. विष्णु वर्धन रेड्डी ने गुरुवार को दुबई में कैप्टन मच्छार के परिवार के सदस्यों से मुलाकात की। इस दौरान परिवार को कैप्टन की स्वास्थ्य स्थिति और उनके उपचार एवं रिकवरी के बारे में जानकारी दी गई।
भारतीय मिशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि राजदूत और महावाणिज्यदूत ने परिवार को आश्वस्त किया कि भारतीय दूतावास और वाणिज्य दूतावास यूएई के अधिकारियों के लगातार संपर्क में हैं और परिवार को आगे भी हर संभव सहायता मिलती रहेगी। उन्होंने कैप्टन मच्छार के असाधारण साहस, सूझबूझ और लोगों की जान बचाने के लिए किए गए निस्वार्थ प्रयासों की भी सराहना की।
कैप्टन मच्छार ने जान पर खेलकर बचाई यात्रियों का जान
कैप्टन मच्छार फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 के पायलट हैं। बुधवार को उड़ान के दौरान एक हमले को रोकने की कोशिश में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के दौरान एक अन्य पायलट ने कैप्टन मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया, जिसके बाद विमान तेजी से नीचे की ओर जाने लगा। इसके बावजूद भारतीय पायलट ने हमलावर का बहादुरी से सामना किया और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद विमान में मौजूद यात्री कॉकपिट में पहुंचे और हमलावर को काबू करने में मदद की।
हमलावर के काबू में आने के बाद गंभीर रूप से घायल कैप्टन मच्छार को विमान में ही स्थिर किया गया। इसके बाद विमान ने सऊदी अरब के तबुक में आपातकालीन लैंडिंग की। कैप्टन मच्छार को फिलहाल तबुक शहर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका आवश्यक इलाज चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कैप्टन मच्छार के परिवार के सदस्यों से फोन पर बात की और उनकी बहादुरी की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय मिशन घायल पायलट को हर संभव सहायता उपलब्ध करा रहे हैं।