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कान फिल्म समारोह 2019: राजनीति और रोमांस से भरपूर 111 सिनेमा, इनकी सबसे ज्यादा चर्चा

Wed, 15 May 2019 01:50 PM IST
योगेश साहू वर्ल्ड डेस्क
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Cannes Film Festival
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दुनिया का सबसे बड़ा 72 वां कान फिल्म समारोह मंगलवार से शुरू हो गया। अमेरिकी फिल्मकार जिम जारमुश की फंतासी 'द डेड डोंट डाई' के प्रर्दशन के साथ इसकी शुरूआत हुई। 25 मई तक चलने वाले इस फिल्मोत्सव में 120 देशों के लगभग 40 हजार प्रतिनिधि और करीब पांच हजार फिल्म पत्रकार पहुंचे हैं।
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जानकारी के अनुसार, आधिकारिक चयन में सभी खंडों को मिलाकर कुल 111 फिल्में दिखाई जाएंगी। इस बार रोमांस और राजनीति मुख्य विषय हैं। मैक्सिको के फिल्मकार अलेजांद्रो गोंजालेज इनारितू को निर्णायक मंडल (जूरी) का अध्यक्ष बनाया गया है। लेबनान की नदिन लाबाकी अन सर्टेन रिगार्ड खंड के निर्णायक मंडल की अध्यक्ष हैं। 1979 में कंबोडिया में हुए भीषण नरसंहार से जीवित बचकर पेरिस में शरणार्थी का जीवन जी रहे रिथि पांह को कैमरा डि ओर की जूरी का प्रमुख बनाया गया है।

प्रतियोगिता खंड में अमेरिका के फिल्मकार क्वेंतिन तारंतिनो की नई फिल्म 'वंस अपॉन अ टाइम इन हॉलीवुड' काफी चर्चा में हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तारंतिनो 4 महीने से एडिटिंग स्टूडियो से बाहर नहीं निकले हैं। प्रतियोगिता खंड में तीन हजार में से 21 फिल्में और अन सर्टेन रिगार्ड खंड में 18 फिल्में चुनीं गई हैं। स्पेशल स्क्रीनिंग में 10 फिल्में हैं। 

आउट ऑफ कंपीटिशन खंड में ब्रिटेन के आसिफ कपाड़िया की डियागो माराडोना की चर्चा है। 4,240 शार्ट फिल्मों में से 11, फिल्म स्कूलों की 2 हजार में से 17 फिल्में चुनी गई हैं। कान क्लासिक में 22 फिल्में हैं, इनमें ज्यां रेनुआ, आंद्रे वाजदा, विट्टोरियो सिका, स्टेनले क्यूब्रिक, ओलीवर स्टोन की फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी।
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कान में कोई भारतीय फिल्म नहीं
समारोह के दौरान 60 देशों के पैवेलियन (मंडप) लगाए जाएंगे और कुल 33 जगहों पर फिल्में दिखाई जाएंगी। भारतीय फिल्मकारों की सुविधा के लिए फिक्की ने पैवेलियन लगाया है। इससे भारतीय फिल्मकारों को नेटवर्किंग की सुविधा मिल सकेगी। हालांकि आधिकारिक चयन में भारतीय फिल्म नहीं है। किसी भारतीय कलाकार को आधिकारिक रूप से रेड कार्पेट नहीं दिया गया है। समारोह की समानांतर गतिविधियों जैसे डायरेक्टर्स फोर्टनाइट और क्रिटिक्स वीक में भी कोई भारतीय फिल्म नहीं है।
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