कनाडा में अपनी राजनीतिक लोकप्रियता लगातार गिरने के बीच प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने माना कि उनकी सरकार की आव्रजन नीति में कुछ चूक हुई हैं और निहित स्वार्थों के लिए गलत लोगों ने इनका फायदा उठाया। फर्जी कॉलेजों और बड़ी कंपनियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोग नौकरी, डिग्री और नागरिकता का झूठा वादा करके प्रवासियों का शोषण करते रहे हैं।
ट्रूडो ने यूट्यूब चैनल पर जारी वीडियो संदेश में कहा, पिछले दो वर्षों में हमारी आबादी बहुत तेजी से बेबी बूम की तरह बढ़ी है। ट्रूडो ने कनाडा सरकार की प्रस्तावित नई आव्रजन नीति का जिक्र करते हुए कहा, यह एकदम सीधी नीति है और अगले तीन वर्षों में हम देश में स्थायी और अस्थायी निवासियों की संख्या घटाने जा रहे हैं। कनाडा में आने वाले अप्रवासियों की सीमा में कटौती उसके आवास संकट और जीवन-यापन की लागत के मुद्दों को हल करने के लिए आवश्यक थी।
हाल में कनाडा के आव्रजन मंत्री मार्क मिलर ने नई नीति की रुपरेखा पेश की थी, जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय छात्रों और विदेशी श्रमिकों सहित अस्थायी आप्रवासियों की संख्या भी 2025 और 2026 में घटकर करीब 4,46,000 रह जाने के आसार है। कनाडा ने लोकप्रिय फास्ट ट्रैक स्टडी वीजा कार्यक्रम, एसडीएस भी समाप्त कर दिया है, जिसका भारत सहित कई देशों के छात्रों पर प्रभाव पड़ने की संभावना है।
वर्षों से कनाडा की आव्रजन प्रणाली केवल स्थायी आव्रजन पर केंद्रित
ट्रूडो ने कहा कि वर्षों से कनाडा की आव्रजन प्रणाली केवल स्थायी आव्रजन पर केंद्रित है, जहां लोग परिवार के साथ कनाडा में बसने के लिए आते हैं और सरकार यह तय करती है कि वह हर साल कितने स्थायी निवासियों को प्रवेश देना चाहती है। हालांकि, ऐसा करने में, यह 'अन्य मार्ग- अस्थायी आप्रवासन' से चूक गया, जिसमें अंतरराष्ट्रीय छात्र, अस्थायी कर्मचारी आदि शामिल हैं।
कोरोना महामारी के बाद, कनाडा की अर्थव्यवस्था में आई तेजी
ट्रूडो ने कहा कि कोरोना महामारी के बाद, कनाडा की अर्थव्यवस्था में तेजी आई और इससे श्रमिकों की भारी कमी पूरी हुई, लेकिन कुछ लोगों ने इसका फायदा उठाने की कोशिश की और सिस्टम में धोखाधड़ी की।
उन्होंने बताया कि कुछ बड़े कॉर्पोरेट्स और कॉलेजों ने अधिक पैसे कमाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय छात्रों का फायदा उठाया, जबकि कुछ बुरे लोग कमजोर आप्रवासियों को झूठे वादे कर ठगने लगे। ट्रूडो ने यह भी माना कि जब महामारी के बाद स्थिति सामान्य हुई, तो उनकी सरकार को जल्दी से प्रतिक्रिया देनी चाहिए थी।
भारत-कनाडा के रिश्तों में तनाव जारी
इस बीच, भारत और कनाडा के रिश्तों में तनाव बना हुआ है, खासकर खालिस्तानी अलगाववादियों के समर्थन और हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर। भारत ने कनाडा के आरोपों को खारिज करते हुए छह कनाडाई राजनयिकों को निष्कासित कर दिया और कनाडा से अपनी आपत्ति जताई है।
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