सार
तहव्वुर राणा का भारत प्रत्यर्पण भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है। हालांकि ये राह आसान नहीं रही और मुंबई हमले के साजिशकर्ता राणा ने अपना प्रत्यर्पण रोकने की काफी कोशिश की, लेकिन भारत के प्रयासों के सामने उसकी एक न चली।
पाकिस्तान ने 2008 के मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा से किनारा कर लिया है। पाकिस्तान ने कहा कि यह बहुत स्पष्ट है कि तहव्वुर राणा कनाडाई नागरिक है। पाकिस्तानी मीडिया में आई खबरों के अनुसार, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि तहव्वुर ने दो दशकों से अधिक समय से अपने पाकिस्तानी दस्तावेजों का नवीनीकरण नहीं कराया है। उसकी कनाडाई राष्ट्रीयता बहुत स्पष्ट है। पाकिस्तान का यह बयान इसलिए भी चौंकाता है, क्योंकि पाकिस्तान अपने उन नागरिकों को दोहरी नागरिकता रखने की अनुमति देता है, जो कनाडा चले गए हैं।
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भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई पर 2008 में हुए आतंकी हमलों की साजिश रचने वाला तहव्वुर राणा भारत पहुंच गया है। भारत पिछले 17 वर्षों से राणा और उसके साथी डेविड कोलमैन हेडली के प्रत्यर्पण की कोशिश में लगा था, जो कि 2009 में ही अमेरिका में गिरफ्तार हुए थे। हेडली के मामले में भारत को फिलहाल खास सफलता नहीं मिली है, लेकिन तहव्वुर राणा के मामले में अमेरिका की निचली अदालतों से लेकर सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के दावों को मानते हुए उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी।
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2008 के मुंबई आतंकी हमलों में नाम क्यों आया?
दावा है कि तहव्वुर राणा ने अपनी कंसल्टेंसी फर्म्स में डेविड हेडली को भी नौकरी दी। इसी फर्म की मुंबई शाखा के काम के लिए डेविड हेडली मुंबई आया था और यहां लश्कर-ए-तयैबा के आतंकी हमलों की तैयारी के लिए मुंबई में ताज महल होटल और छत्रपति शिवाजी टर्मिनस जैसी प्रमुख जगहों की रेकी की थी।
जांचकर्ताओं का मानना है कि तहव्वुर राणा ने कंसल्टेंसी फर्म की आड़ में ही डेविड हेडली से रेकी का पूरा काम कराया। साल 2008 में मुंबई में पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकियों ने घुसकर शहरभर में हमले किए थे। इन बर्बर हमलों में छह अमेरिकी नागरिकों और कुछ यहूदियों समेत 166 लोग मारे गए थे।
भारत में तहव्वुर राणा को लेकर क्या-क्या तैयारियां?
- राणा को भारत ला कर एनआईए की अदालत में पेश किया जाएगा। एनआईए पूछताछ के लिए अदालत से उसकी हिरासत मांगेगी। इसके साथ ही भारत में राणा के खिलाफ मुंबई आतंकी हमला मामले में न्यायिक प्रक्रिया की शुरुआत होगी।
- महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने फरवरी में संकेत दिए थे कि तहव्वुर राणा को उसी जेल में रखा जाएगा, जहां 26/11 हमले को अंजाम देने वाले आतंकी अजमल कसाब को रखा गया था।
- दूसरी तरफ दिल्ली के तिहाड़ जेल प्रशासन ने भी तहव्वुर राणा के लिए उच्च सुरक्षा वाला जेल वार्ड बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि, राणा को कहां रखा जाएगा इस पर अंतिम फैसला गृह मंत्रालय लेगा।
- अमेरिकी अदालत में अपने बचे हुए मौकों को खत्म करने के बाद राणा को ट्रंप सरकार की तरफ से प्रत्यर्पित कर दिया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी जानकारी मिलते ही एनआईए की एक टीम उसे लेने के लिए रवाना हुई। इसमें आईजी-डीआईजी और दो जूनियर अधिकारी के शामिल होने की बात सामने आई है।
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