कनाडा एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक (सिंगल यूज प्लास्टिक्स) पर साल 2021 तक प्रतिबंध लगा देगा। इस बात की घोषणा प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने की है। ये कदम समुद्र में कचरे को कम करने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह पहल पिछले साल यूरोपीय संघ और अन्य देशों द्वारा पारित समान कानून पर आधारित है।
बता दें यूरोपीय संघ की संसद ने प्रदूषण से निपटने के लिए एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक पर व्यापक रूप से प्रतिबंध लगाने के पक्ष में मार्च में मतदान किया था। कनाडा उन कंपनियों को लेकर भी फैसला करेगा जो प्लास्टिक का उत्पादन और बिक्री करती हैं। वर्तमान में कनाडा में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक का 10 फीसदी ही रिसाइकल हो पाता है।
ट्रूडो ने प्लास्टिक प्रदूषण के मुद्दे को वैश्विक चुनौती बताया है। मई में संयुक्त राष्ट्र ने कहा था कि 180 देशों ने प्लास्टिक की मात्रा को कम करने के लिए एक समझौता किया है। ये प्लास्टिक समुद्र में जाकर जीवों को नुकसान पहुंचाता है। बड़ी मछलियां भी इसके कारण अपनी जान गंवाती हैं। हाल ही में कई व्हेल ऐसी मिली हैं जिनके शरीर से बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कचरा निकला है।
हालांकि यूरोपीय और उत्तरी अमेरिकी देश सबसे अधिक प्लास्टिक कचरा पैदा करते हैं, लेकिन उसका प्रबंधन ठीक से नहीं हो पाता। जिसके बाद ये प्लास्टिक समुद्र में चला जाता है। अब कनाडाई सरकार को इस बात का फैसला करना होगा कि किस तरह के उत्पाद सिंगल प्लास्टिक यूज के प्रतिबंध में शामिल किए जाएंगे। लेकिन माना जा रहा है कि सरकार इसमें प्लास्टिक के बैग, स्ट्रॉ और प्लेट को शामिल कर सकती है। कनाडा में हर साल 30 लाख टन प्लास्टिक कचरा फेंका जाता है।
ट्रूडो ने ये घोषणा आम चुनाव से कुछ महीने पहले ही की है। माना जा रहा है कि उनके चुनाव अभियान में मुख्य मुद्दे प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन होंगे।