विपक्षी नेता ने अपने ट्वीट में क्या कहा?
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, ट्रूडो सरकार अंतरराष्ट्रीय छात्रों को धोखेबाजों से बचाने में असफल रही है। अब, छात्रों को निर्वासित करके ट्रूडो उन्हें सजा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उन लोगों को भी निर्वासित करने का काम कर रही है जिन्होंने नेक नीयत से काम किया और वर्षों से यहां काम कर रहे हैं और टैक्स का भुगतान कर रहे हैं। उन्होंने आगे लिखा, धोखेबाजों पर मुकदमा चलाओ। निर्वासन बंद करो। ईमानदार छात्रों को कनाडा में रहने, काम करने और योगदान करने दो।
पियरे पोइलीवर ने भारतीय छात्रों के परिवारों से की मुलाकात
पोइलीवर ने निर्वासन का सामना कर रहे छात्रों के परिवारों से भी मुलाकात की और उनके साथ अपनी बैठक की तस्वीरें भी पोस्ट कीं। कनाडा में भारतीय छात्रों के एक वर्ग को कथित तौर पर फर्जी प्रवेश पत्र जमा करने के लिए निर्वासन की चेतावनी दी गई है और वास्तविक संख्या मीडिया में रिपोर्ट किए जा रहे 700 से बहुत कम है।
गुमराह करने वालों पर हो कार्रवाई: विदेश मंत्री जयशंकर
सूत्रों ने बताया कि भारतीय छात्रों के निर्वासन से जुड़े मुद्दे को विदेश मंत्री एस जयशंकर के कनाडा के समक्ष उठाते रहे हैं। वह कनाडा के अधिकारियों को कई बार निष्पक्ष होने का आग्रह कर चुके हैं। जयशंकर का मानना है कि इसमें भारतीय छात्रों की कोई गलती नहीं है।
'नेक नीयत से शिक्षा हासिल करने वालों को दंडित करना अनुचित'
जयशंकर ने आठ जून को नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा था कि भारत अपने छात्रों के मामले पर दबाव बनाना जारी रखेगा। उन्होंने कहा था कि अच्छी नीयत से शिक्षा हासिल करने वाले छात्र को दंडित करना अनुचित है और उन्हें गुमराह करने वाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा था, पिछले कुछ समय से ऐसे छात्रों का मामला सामने आ रहा है, जिनके बारे में कनाडाई लोगों का कहना है कि उन्होंने उस कॉलेज में पढ़ाई नहीं की, जिसमें उन्हें होना चाहिए था और जब उन्होंने वर्क परमिट के लिए आवेदन किया तो वे मुश्किलों में पड़ गए। शुरू से ही हमने इस मामले को उठाया है और हमारा कहना यह है कि छात्रों ने नेक नीयत से पढ़ाई की है। अगर उन्हें गुमराह करने वाले लोग दोषी हैं, तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। एक छात्र को दंडित करना अनुचित है जिसने अच्छी नीयत से अपनी शिक्षा ली है।