अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसी साल मार्च में अमेरिकी संसद में दिए अपने भाषण में इस्राइल के आयरन डोम सुरक्षा कवच की तर्ज पर ही अपने देश में एक गोल्डन डोम बनाने का प्रस्ताव रखा था। मंगलवार को उन्होंने इस सिस्टम के निर्माण को लेकर मंजूरी भी दे दी।
अमेरिका के गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट में कनाडा भी शामिल हो सकता है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने बुधवार को बताया कि उनकी सरकार गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम में शामिल होने के लिए अमेरिका की सरकार से बात कर रही है। 175 अरब डॉलर के इस मिसाइल डिफेंस सिस्टम की मदद से अमेरिका अंतरिक्ष में भी हथियार तैनात करने में सक्षम हो जाएगा। ट्रंप ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि साल 2029 तक यह गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम पूरी तरह से संचालित हो जाएगा।
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मार्क कार्नी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई बात
मार्क कार्नी ने कहा कि यह कनाडा की सुरक्षा के लिए अच्छा विचार है। कार्नी ने इस बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से बात करने की पुष्टि की और कहा कि दोनों देशों के बीच शीर्ष स्तर पर इसे लेकर बात हो रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने भी मार्क कार्नी के दावे की पुष्टि की और कहा कि कनाडा सरकार ने उनकी सरकार से संपर्क किया है और गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट में शामिल होने की इच्छा जताई है। ट्रंप ने कहा कि वे कनाडा के साथ मिलकर काम करेंगे और इसके लिए कनाडा को उचित योगदान देना होगा। गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस सिस्टम से अमेरिका ऐसी क्षमता हासिल करना चाहता है, जिससे वह अंतरिक्ष से आने वाली मिसाइल को भी रोक सके। साथ ही संभावित खतरे को मिसाइल लॉन्च से पहले ही तबाह करने, मिसाइल लॉन्च होने के तुरंत बाद ही दुश्मन की मिसाइल को हवा में ही तबाह करने की क्षमता हासिल करना भी शामिल है।
ट्रंप ने गोल्डन डोम मिसाइल डिफेंस प्रोजेक्ट को दी मंजूरी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसी साल मार्च में अमेरिकी संसद में दिए अपने भाषण में इस्राइल के आयरन डोम सुरक्षा कवच की तर्ज पर ही अपने देश में एक गोल्डन डोम बनाने का प्रस्ताव रखा था। मंगलवार को उन्होंने इस सिस्टम के निर्माण को लेकर मंजूरी भी दे दी। अमेरिका के पास फिलहाल ऐसी कोई सुरक्षा प्रणाली नहीं है, जिसके जरिए वह आधुनिक समय की हाइपरसोनिक मिसाइलों, ड्रोन हमलों की बाढ़ का सामना कर सके। व्यवस्था अब तक काफी बिखरी हुई मानी जाती है। गोल्डन डोम में अगली पीढ़ी के समग्र मिसाइल सिस्टम, अंतरिक्ष आधारित सेंसर और सिग्नल इंटरसेप्टर तैनात होंगे। यह बाहर से आने वाली बैलिस्टिक मिसाइल, हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल, ड्रोन्स, फाइटर जेट्स के हमलों के नाकाम करेगा और उन्हें मार गिराएगा।