दो साल की कूटनीतिक तनातनी के बाद भारत-कनाडा संबंध पटरी पर लौटते दिख रहे हैं। G20 में पीएम कार्नी और पीएम मोदी की मुलाकात के बाद रुकी ट्रेड डील बातचीत फिर शुरू करने का रास्ता खुला है। ऐसे में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के मुताबिक कनाडा नई विदेश नीति के तहत भारत के साथ आर्थिक साझेदारी तेजी से बढ़ाएगा।
भारत और कनाडा के रिश्तों में दो साल की तनातनी के बाद संबंध सुधरते नजर आ रहे है। जी20 में पीएम कार्नी और पीएम मोदी की बैठक के बाद दोनों देशों ने रुकी हुई ट्रेड डील बातचीत फिर शुरू करने पर सहमति जताई है। ऐसे में कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने कहा कि कनाडा नई विदेश नीति के तहत भारत के साथ व्यापार को तेजी से आगे बढ़ाएगा, ताकि बदलते वैश्विक माहौल में आर्थिक साझेदारी मजबूत की जा सके।
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कनाडा का नया लक्ष्य: व्यापार में विविधता
गौरतलब है कि कनाडा दुनिया के सबसे ज्यादा व्यापार-निर्भर देशों में से एक है। उसकी 75% से ज्यादा निर्यात अमेरिका जाता है। लेकिन 2026 में यूएसएमसीए समझौते की समीक्षा है और दुनिया भर में संरक्षणवाद (प्रोटेक्शनिज्म) बढ़ रहा है। ऐसे में प्रधानमंत्री कार्नी का लक्ष्य है कि अगले दस साल में अमेरिका के बाहर का व्यापार दोगुना किया जाए। इसी रणनीति के तहत कनाडा की भारत के साथ व्यापार बढ़ाने और चीन के साथ भी संबंध सुधारने की कोशिशें जारी हैं। पिछले महीने कार्नी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात ने दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में कदम बढ़ाया।