कनाडा में भारतीय मूल के पांच लोगों को जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस और मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उन पर लगाए गए आरोपों में गोलीबारी, आगजनी, हथियारों की तस्करी और ड्रग्स से जुड़े अपराध शामिल हैं। रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस ने शुक्रवार को अपने एक बयान में कहा कि ये गिरफ्तारियां एक ऑटो डीलरशिप की 16 महीने तक चली जांच के बाद की गईं। इस डीलरशिप के सह-मालिकों ने जून 2025 में जबरन वसूली की मांग की शिकायत की थी, जिसके बाद लैंगली और सरे में स्थित डीलरशिप पर आगजनी और गोलीबारी की दो घटनाएं भी हुई थीं।
पुलिस ने इन पांचों आरोपियों को विदेशी नागरिक बताया है। पुलिस के मुताबिक इनमें से एक, 23 वर्षीय संकेत सिंगला, भारत का रहने वाला है। पुलिस द्वारा कनाडा में एंट्री जांच के दौरान उसे गुरुवार को टोरंटो पियर्सन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया। अन्य आरोपियों में साहिल (24), सिमरनजीत सिंह (24) और हर्ष (21) (जो सभी ब्रिटिश कोलंबिया के रहने वाले हैं) और जगदीप सिंह (24) (जो ओंटारियो का रहने वाला है) को सरे में गिरफ्तार किया गया।
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पुलिस ने क्या आरोप लगाया?
पुलिस ने बताया कि पांचो आरोपी अभी हिरासत में हैं। ब्रिटिश कोलंबिया (बीसी) प्रॉसिक्यूशन सर्विस ने गुरुवार को पांचों पर जबरन वसूली का आरोप लगाया। कुछ आरोपियों पर हथियारों, आगजनी, विस्फोटकों और कोकीन की तस्करी से जुड़े अतिरिक्त आरोप भी हैं। सीबीसी न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक सिंगला और सिमरनजीत सिंह ने विस्फोटक से एक वाहन को नुकसान पहुंचाया और संपत्ति को नष्ट करने या नुकसान पहुंचाने के इरादे से ऑटो शॉप में मोलोटोव कॉकटेल फेंका। रिपोर्ट में कहा गया है कि साहिल पर कोकीन की तस्करी और प्रतिबंधित हथियारों के तस्करी के आरोप भी हैं।
पुलिस ने कहा कि जांच के दौरान चार हथियार, गोला-बारूद और मैगजीन के साथ-साथ संदिग्ध फेंटानिल, कोकीन और अफीम भी जब्त की गई। उनके मुताबिक जांच के दौरान जुटाए गए सबूत ब्रिटिश कोलंबिया और अल्बर्टा में जबरन वसूली और हिंसा के अन्य मामलों से भी जुड़े हो सकते हैं।
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क्या लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कनेक्शन?
कैनेडियन प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, ये गिरफ्तारियां उन मामलों से जुड़ी हैं जिनकी जांच पिछले साल पूरे प्रांत में जबरन वसूली विरोधी टास्क फोर्स के गठन के बाद की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक जबरन वसूली के ज्यादातर मामलों में कारोबारियों और दक्षिण एशियाई समुदाय के लोगों को धमकाया गया है। बीसी जबरन वसूली टास्क फोर्स के चीफ सुपरिटेंडेंट डंकन पाउंड ने बताया कि कोर्ट की कार्यवाही के दौरान यह पता चलेगा कि इन मामलों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग शामिल था या नहीं।
बता दें कि कनाडा सरकार ने सितंबर, 2025 में ही जेल में बंद भारतीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोह को आतंकवादी संगठन घोषित किया था। फिलहाल बिश्नोई अभी अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है।