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Russia-Ukraine War: पुतिन का बड़ा बयान- यूक्रेन के साथ शांति समझौते के लिए तीसरे देश में मिलने को तैयार

Sun, 10 May 2026 08:42 AM IST
अमन तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को

सार

रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने पहली बार यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की से किसी तीसरे देश में मिलने की इच्छा जताई है। उन्होंने शर्त रखी है कि यह मुलाकात केवल अंतिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर के लिए होगी। पुतिन चाहते हैं कि विशेषज्ञ पहले ही ठोस समझौता तैयार कर लें।
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व्लादिमीर पुतिन - फोटो : ANI
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विस्तार
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रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शनिवार को एक बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि वह यूक्रेन के साथ जारी युद्ध को पूरी तरह खत्म करने के लिए राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की से किसी तीसरे देश में मिलने को तैयार हैं। यह पहली बार है जब पुतिन ने रूस से बाहर किसी अन्य देश में मुलाकात की संभावना जताई है। विक्ट्री डे परेड के बाद मीडिया से बात करते हुए पुतिन ने साफ किया कि उन्होंने कभी भी अपने यूक्रेनी समकक्ष के साथ बातचीत से इनकार नहीं किया है।
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पुतिन ने मुलाकात के लिए रखी शर्त
पुतिन ने इस मुलाकात के लिए एक अहम शर्त भी रखी है। उन्होंने कहा कि तीसरे देश में बैठक तभी हो सकती है जब दोनों देशों के बीच एक पूर्ण और लंबे समय तक चलने वाला शांति समझौता तय हो जाए। पुतिन के मुताबिक, यह मुलाकात केवल समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए होगी, न कि बातचीत करने के लिए। उन्होंने कहा कि अगर यूक्रेनी पक्ष मिलना चाहता है, तो वे मॉस्को भी आ सकते हैं। पुतिन ने स्पष्ट किया कि मुलाकात किसी भी समझौते का आखिरी कदम होना चाहिए, न कि बातचीत की शुरुआत।

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पुतिन ने मिन्स्क समझौतों का क्यों दिया उदाहरण?
रूसी राष्ट्रपति ने जोर दिया कि शुरुआती बातचीत विशेषज्ञों को करनी चाहिए। उन्होंने पुराने 'मिन्स्क समझौतों' का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसी चर्चाएं अक्सर घंटों चलती हैं लेकिन उनका कोई नतीजा नहीं निकलता। मिन्स्क समझौते 2014 और 2015 में बेलारूस में हुए थे। इनका मकसद यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में हिंसा रोकना था, लेकिन वे नाकाम रहे थे। पुतिन चाहते हैं कि इस बार विशेषज्ञ सब कुछ पहले ही स्पष्ट कर लें, ताकि राष्ट्रपति केवल समारोह में शामिल होने या दस्तखत करने के लिए मिलें।
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यह युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था और अब अपने पांचवें साल में है। इससे पहले सितंबर 2025 में भी पुतिन ने चीन यात्रा के बाद जेलेंस्की से मिलने की इच्छा जताई थी। तब उन्होंने कहा था कि मुलाकात मॉस्को में हो सकती है, बशर्ते वह यूक्रेन के संवैधानिक ढांचे के भीतर हो और उसका कोई ठोस नतीजा निकले। अब पुतिन का रूस से बाहर मिलने का सुझाव शांति की दिशा में एक नया रास्ता खोल सकता है।

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