अमेरिका के कैलिफोर्निया में फाइजर वैक्सीन को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यहां एक मेल नर्स (पुरुष) ने एक हफ्ते पहले फाइजर की कोरोना वैक्सीन लगवाई थी, जिसके बाद उसे कोरोना संक्रमित पाया गया है। मैथ्यू डब्ल्यू नाम का यह शख्स दो अलग-अलग अस्पताल में नर्स का काम करता है।
नर्स मैथ्यू ने 18 दिसंबर को कोरोना वायरस वैक्सीन लगवाई थी और फेसबुक पर पोस्ट कर इस बात की जानकारी दी थी। उसने जानकारी दी कि वैक्सीन लगवाने के बाद उसे कोई साइड इफैक्ट नहीं महसूस हुआ, लेकिन एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नर्स की क्रिसमस के बाद तबीयत खराब हो गई थी और जब कोरोना टेस्ट कराया तो पॉजिटिव निकला।
वैक्सीन एडवाइजरी समूह ने 17.4 वोटों के साथ फैसला किया था कि फाइजर का टीका 16 साल और उससे ज्यादा के लोगों में सुरक्षित है। फाइजर दवा कंपनी ने दावा किया है कि उसकी कोरोना वैक्सीन 95 फीसदी असरदार है। उधर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टीके को जल्द से जल्द मंजूरी देने के लिए दबाव बना रहे थे।
लोगों से यह जानकारी लेने के लिए कहा गया है कि वे यह जरूर पता कर लें कि उन्हें वैक्सीन के किसी तत्व से कोई एलर्जी तो नहीं है। एफडीए ने अपनी गाइडलाइन में कहा है कि स्वास्थ्य नियंत्रण किसी भी ऐसे आदमी को फाइजर बायोएनटेक की वैक्सीन न दें जिसका एलर्जी का कोई इतिहास रहा हो।