हिंद-प्रशांत क्षेत्र के बढ़ते रणनीतिक माहौल और चीन के आक्रामक व्यवहार के बीच पेंटागन ने कहा है कि अमेरिका की उप रक्षा मंत्री डॉ. कैथलीन हिक्स ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से कहा कि गठजोड़ और साझेदारी बनाना उनके विभाग की 'सर्वोच्च प्राथमिकता' है।
पेंटागन ने मंगलवार को कहा कि हिक्स ने वाशिंगटन में डोभाल के साथ बैठक के दौरान यह बात कही और अमेरिका-भारत द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी की प्राथमिकताओं पर चर्चा की। इसने कहा है कि चर्चा में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नीति और परिचालन समन्वय को मजबूत करना और दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाना भी शामिल था।
भारतीय दूतावास ने मंगलवार को एक ट्वीट में कहा, उन्होंने अमेरिका-भारत रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों सहित कई विषयों पर चर्चा की। वहीं हिक्स ने ट्वीट कर कहा, "मैंने आज भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की ताकि अमेरिका-भारत रक्षा साझेदारी की प्राथमिकताओं पर चर्चा की जा सके, भारत-प्रशांत क्षेत्र में नेतृत्व के लिए भारत को धन्यवाद दिया जा सके और रक्षा औद्योगिक सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की जा सके।"
पेंटागन के प्रवक्ता एरिक पाहोन ने बैठक के बारे में बताया कि हिक्स ने दोहराया कि गठबंधन और साझेदारी बनाना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है और यह अमेरिकी राष्ट्रीय रक्षा रणनीति के कार्यान्वयन का अभिन्न हिस्सा है। अमेरिका की राष्ट्रीय रक्षा रणनीति 2022 चीन को एक बढ़ती हुए मल्टी-डोमेन खतरा बताती है।
अमेरिका ने कई एशियाई देशों के साथ एकजुटता का संकेत दिया है, जिनमें से कई का चीन की आक्रामकता के साथ संघर्ष है। चीन रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी ताकत बढ़ा रहा है।चीन लगभग पूरे विवादित दक्षिण चीन सागर, ताइवान, फिलीपींस, ब्रुनेई, मलेशिया और वियतनाम सभी इसके कुछ हिस्सों पर अपना दावा करता है।
बीजिंग ने दक्षिण चीन सागर में कृत्रिम द्वीप (आर्टिफिशियल आइसलैंड) और सैन्य प्रतिष्ठान (मिलिट्री बेस) बनाए हैं। पूर्वी चीन सागर में भी चीन का जापान के साथ क्षेत्रीय विवाद है। दक्षिण चीन सागर और पूर्वी चीन सागर को खनिज, तेल और अन्य प्राकृतिक संसाधनों में समृद्ध बताया जाता है। दोनों वैश्विक व्यापार के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
पाहोन ने कहा कि बैठक के दौरान हिक्स ने क्षेत्र में भारत के नेतृत्व के लिए डोभाल को धन्यवाद दिया और क्षेत्र के बढ़ते विवादित रणनीतिक माहौल से निपटने के लिए अमेरिका और भारतीय सेनाओं के बीच समन्वय को गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की।
उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने अमेरिका और भारतीय कंपनियों के बीच अभिनव संयुक्त प्रयासों के माध्यम से द्विपक्षीय रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर भी चर्चा की, जो भारत की अद्वितीय परिचालन आवश्यकताओं का समर्थन करते हैं।
बैठक के ब्यौरे के अनुसार, हिक्स और डोभाल ने कहा कि वे अमेरिका-भारत रक्षा साझेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रगति करने के लिए उत्सुक हैं। अमेरिका और भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ क्वाड के भी सदस्य हैं। हिंद-प्रशांत में चीन के बढ़ते प्रभाव और क्षेत्रीय दावों का मुकाबला करने के प्रयासों के तहत हाल के वर्षों में यह समूह अधिक सक्रिय हो गया है।