अमेरिका के सबसे बड़े शहर न्यूयॉर्क में एक बार फिर दहशत का माहौल है। यहां ब्रूकलिन सबवे स्टेशन पर हमला किया गया। हमलावर ने पहले तो स्मोक बम फेंका और बाद में ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इस घटना में कुल 13 लोग घायल हुए हैं। गौर करने वाली बात यह है कि ब्रूकलिन में यह हमला उस वक्त हुआ है, जब रूस-यूक्रेन संकट की वजह से पूरी दुनिया में दहशत का माहौल है। इस हमले के क्या मायने हैं? इससे अमेरिका के रुतबे पर क्या फर्क पड़ेगा? जानते और समझते हैं इस रिपोर्ट में...
सबसे पहले समझते हैं पूरा मामला
न्यूयॉर्क में ब्रूकलिन के 36 स्ट्रीट मेट्रो स्टेशन पर मंगलवार (12 अप्रैल) सुबह एक हमलावर ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में 13 लोग घायल हो गए। हमले को अंजाम देने के बाद हमलावर फरार हो गया। इस दौरान स्टेशन पर अफरातफरी का माहौल बन गया और भगदड़ मच गई। शहर के अग्निशमन विभाग ने आवाजाही बंद कर दी है।
रूस-यूक्रेन के बीच 47 दिन से चल रहा युद्ध
गौरतलब है कि रूस और यूक्रेन के बीच 47 दिन से युद्ध चल रहा है। यूक्रेन के कीव, मैरियूपोल समेत कई शहर पूरी तरह तबाह हो चुके हैं। इस युद्ध की वजह से पूरी दुनिया में संकट छाया हुआ है। साथ ही, कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने की वजह से पूरी दुनिया में महंगाई बढ़ गई है। वहीं, रूस के कदम रोकने के मकसद से उस पर लगातार प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं। हालांकि, युद्ध पर रोक नहीं लग पा रही है।
क्या हैं इस हमले के मायने?
रणनीतिक जानकार मानते हैं कि रूस-यूक्रेन संकट के बीच ब्रूकलिन में हुए इस हमले से अमेरिका के प्रभाव पर असर जरूर पड़ेगा। दरअसल, रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान अमेरिका लगातार रूस पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में जब उसके ही घर में हमला हुआ है तो यह संदेश जा सकता है कि अमेरिका अपने ही शहरों को बचाने में सक्षम नहीं है। इसके अलावा अमेरिका के रक्षा तंत्र और प्रशासनिक प्रणाली पर भी सवाल उठ सकते हैं।