कई वर्षों तक चली लंबी बहस के बाद अंतत: ब्रिटिश संसद ने यूरोपीय संघ (ईयू) से ब्रिटेन के अलग होने वाले ब्रेग्जिट विधेयक को मंजूरी दे दी। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने गुरुवार को संसद से पारित किए गए ऐतिहासिक विड्रॉल एग्रीमेंट बिल को कानूनी तौर पर मंजूरी देने की औपचारिकता पूरी कर दी। इसके साथ ही जनवरी के अंत में ब्रिटेन का यूरोपीय संघ से अलग होना तय हो गया है।
यह कानून 31 जनवरी को ब्रिटिश सरकार को ईयू से बाहर निकलने का कानूनी हक देता है। ब्रेग्जिट सचिव स्टीव बार्कले ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महारानी ने ब्रेग्जिट बिल को अपनी शाही मंजूरी देते हुए ब्रेग्जिट कानून बना दिया है। 31 जनवरी को ब्रिटेन यूरोपीय संघ से बाहर निकलने के लिए यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।
निचला सदन हाउस ऑफ कॉमंस पहले ही ईयू से निकलने से संबंधित इस विधेयक पर मुहर लगा चुका है। ऊपरी सदन हाउस ऑफ लॉर्ड्स में इस बिल पर व्यापक चर्चा हुई और कुछ सुझाव भी पेश किए गए। इसके तहत, यूरोपीय यूनियन के नागरिकों के अधिकार और बाल शरणार्थी से संबंधित कुछ बदलाव थे।
हालांकि, इस बार सदन में चर्चा के दौरान शरणार्थी बच्चों पर बताए गए पांच सुझाव अस्वीकृत कर दिए गए हैं। इस अस्वीकृति पर पूर्व सांसद अल्फ डब्स ने कहा, हाउस ऑफ लॉर्ड्स में जीत के बाद हाउस ऑफ कॉमंस में शरणार्थी बच्चों से संबंधित सुझाव को नामंजूर कर दिया गया, यह निराशाजनक है।