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ब्रिटेन: अमेरिकी सैन्य अड्डे के पास पांच गिरफ्तार, फिर जमानत पर रिहा; नहीं मिले विस्फोटक; क्या था मामला?

Wed, 30 Sep 2026 01:28 AM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई/रॉयटर्स
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इंग्लैंड में अमेरिकी वायुसेना के एक अड्डे पर संदिग्ध बम साजिश की जांच जारी है। इस मामले में ब्रिटेन की आतंकवाद रोधी पुलिस ने पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया और फिर उन्हें रिहा कर दिया। यह फैसला अचानक लिया गया। इसके बाद घटना को लेकर सवाल और अनिश्चितता बढ़ गई है।
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को इस पर हैरानी जताई। पांचों युवा ब्रिटिश पुरुष हैं। उन्हें रविवार को आरएएफ फेयरफोर्ड अड्डे के पास गिरफ्तार किया गया था। उन पर विस्फोटक और आतंकवाद से जुड़े आरोप हैं। लेकिन एक दिन बाद उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया।

ट्रंप ने कहा, 'मैं ऐसा नहीं करता'। आरएएफ फेयरफोर्ड का इस्तेमाल अमेरिकी बमवर्षक विमानों ने दशकों से किया है। इन विमानों का इस्तेमाल पश्चिम एशिया के कई संघर्षों में हुआ है। इसमें इस साल ईरान के साथ हुआ युद्ध भी शामिल है।
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आतंकवाद रोधी जांचकर्ता मामले में 'कई पहलुओं' की जांच कर रहे हैं। इनमें यह भी शामिल है कि क्या संदिग्धों का ईरान से कोई संबंध था। ईरान ने इस मामले में किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है। ब्रिटेन की आतंकवादी रोधी पुलिस के प्रमुख लॉरेंस टेलर ने अहम जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पांचों संदिग्ध ब्रिटिश नागरिक हैं। सभी की उम्र 20 साल के आसपास है। उन्होंने कहा कि पांचों पर कड़ी शर्तें लागू हैं। वे पूरी तरह जांच के दायरे में हैं। टेलर ने मंगलवार को पुष्टि की कि तीन वैन की जांच की गई। ये वैन अड्डे के पास मिली थीं। इनमें कोई विस्फोटक नहीं मिला।

टेलर ने कहा कि जमानत पर छोड़े गए संदिग्धों को 'बहुत सख्त शर्तों' का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि यह फैसला कुछ लोगों के लिए हैरान करने वाला हो सकता है। लेकिन यह जांच से जुड़ा फैसला है। यह अनुभव और रणनीति पर आधारित है।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने क्या कहा?
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी मामले पर बात की। उन्होंने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि इसमें 'स्पष्ट रूप से किसी विदेशी पक्ष का हाथ है'। हालांकि, उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया। उन्होंने मामले से जुड़ी और जानकारी भी नहीं दी। रुबियो ने कहा कि कुछ लोग इस बात से परेशान हैं। वजह यह है कि जांच के दौरान कुछ संदिग्धों को जमानत पर छोड़ दिया गया।

संदिग्ध वैन में नहीं मिला कोई विस्फोटक
मंगलवार को भी आरएएफ फेयरफोर्ड के पास पुलिस की घेराबंदी जारी रही। तीन वैन के आसपास सुरक्षा घेरे लगाए गए थे। हथियारबंद पुलिसकर्मी और आतंकवाद रोधी अधिकारी मौके पर जांच कर रहे थे। 

एक स्थानीय महिला किसान ने पुलिस को फोन किया था। उसने रविवार सुबह पुलिस को सूचना दी। उसने बताया कि घर लौटते समय उसने वैन देखीं। ये वैन हवाई अड्डे के पास सड़क को बाधित रही थीं। महिला ने पास में कुछ लोगों को भी देखा था। उनमें से कुछ ने अपने चेहरे ढक रखे थे। महिला के मुताबिक, लोगों ने उसकी गाड़ी देखी। इसके बाद वे वहां से भाग गए। इससे पहले सेना के बम निरोधक विशेषज्ञों ने वैन की जांच की थी। उन्होंने इसके लिए एक रोबोट का इस्तेमाल किया।

टेलर ने बताया कि वैन से कुछ मात्रा में पेट्रोल बरामद हुआ है। लेकिन कोई विस्फोटक नहीं मिला।

अधिकारियों ने ईरान की संभावित भूमिका के संकेत दिए
टेलर ने जांच की एक और दिशा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या संदिग्धों ने किसी अन्य देश के लिए काम किया था। यह काम उन्होंने जानबूझकर या अनजाने में किया हो सकता है।

जांचकर्ताओं ने अभी कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है। यह भी साफ नहीं है कि घटना के पीछे किसी देश की सरकार थी या नहीं। हमले का मकसद भी अभी पता नहीं चला है। हालांकि, अधिकारियों ने ईरान की संभावित भूमिका के संकेत दिए हैं। रूस से संभावित संबंध की भी जांच हो रही है।
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