अमेरिका के गोपनीय दस्तावेजों को सार्वजनिक कर दुनियाभर में सुर्खियां बटोरने वाले विकिलीक्स के सह-संस्थापक जूलियन असांजे को लंदन स्थित इक्वाडोर के दूतावास से गिरफ्तार कर लिया गया है। अपनी गिरफ्तारी और स्वीडन प्रत्यर्पित किए जाने से बचने के लिए असांजे ने पिछले 7 साल से इक्वाडोर के दूतावास में शरण ले रखी थी। ब्रिटेन के गृह मंत्री साजिद जाविद ने असांजे की गिरफ्तारी का स्वागत किया है।
ब्रिटिश पुलिस के मुताबिक, दक्षिण अमेरिकी देश इक्वाडोर की सरकार ने 47 वर्षीय असांजे को दी गई शरण को हटा लिया था। इसके बाद इक्वाडोर के राजदूत ने पुलिस को बुलाया और असांजे को गिरफ्तार कर लिया गया। अंसाजे को जबरन दूतावास के बाहर निकाला। इस दौरान वह पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते दिखे।
पुलिस ने कहा कि असांजे पर जमानत नियमों के उल्लंघन का आरोप है। कई बार नोटिस देने के बाद भी वह कोर्ट के सामने पेश नहीं हुए। पुलिस ने कहा कि जल्द ही असांजे को लंदन के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के समक्ष पेश किया जाएगा। यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले में स्वीडन प्रत्यर्पित किए जाने से बचने के लिए असांजे ने जून, 2012 से दूतावास को अपना ठिकाना बना रखा था।
हालांकि, बाद में स्वीडन ने यौन उत्पीड़न के आरोपों को हटा लिया था, लेकिन असांजे दूतावास में ही डटे रहे। असांजे ने 2010 में बड़ी संख्या में इराक और अफगानिस्तान युद्ध से जुड़े अमेरिका के गोपनीय दस्तावेजों को सार्वजनिक किया था।
करार के खिलाफ काम कर रहे थे असांजे : इक्वाडोर
हाल के कुछ महीनों में असांजे और इक्वाडोर के रिश्ते में खटास आ गई थी। इक्वाडोर के राष्ट्रपतिलेनिन मोरेनो ने कहा, ‘उनके देश ने असांजे को दी हुई शरण वापस ले ली थी। वह करार के खिलाफ जाकर काम कर रहे थे। पिछले साल मार्च से उन्हें मिली इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई थी।’ विकिलीक्स ने कहा कि इक्वाडोर ने असांजे को दिया आश्रय गलत तरीके से वापस लिया।