ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने संकल्प लिया कि वह ब्रेक्जिट की लंबित दिक्कतों को दूर करने और यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ एक नया समझौता करने के लिए अपना सब कुछ देंगे, जो उत्तरी आयरलैंड प्रोटोकॉल की समस्याओं को हल करेगा।
प्रोटोकॉल को ब्रिटेन के क्षेत्र 'उत्तरी आयरलैंड' और यूरोपीय संघ के सदस्य राज्य 'आयरलैंड' के बीच सीमा पर रोकथाम के लिए बनाया गया था। प्रोटोकॉल पर सुनक के पूर्व बॉस बोरिस जॉनसन ने सहमति जताई थी। लेकिन व्यवहार में यह विवादास्पद साबित हुआ है। प्रोटोकॉल ने ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बीच गतिरोध पैदा किया है। व्यापक चर्चा के बाद अब एक नए समझौते की उम्मीदें फिर से जिंदा हो गई हैं।
सुनक ने 'द डेली टेलीग्राफ' में एक लेख में कहा, मैंने ब्रेक्जिट के लिए मतदान किया और मैं ब्रेक्जिट में भरोसा करता हूं, क्योंकि यह हमारे देश में परिवारों और व्यवसायों के लिए बड़ा अवसर प्रदान करता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रेक्जिट ब्रिटेन की संप्रभुता को बहाल करने को लेकर था, उत्तरी आयरलैंड प्रोटोकॉल ने इसे कम कर दिया है, ब्रिटेन के भीतर व्यापार के लिए गंभीर बाधाएं पैदा की हैं। यह अस्वीकार्य है।
लेख में उन्होंने कहा, मेरा काम इस मौके का लाभ उठाना, कठिन विकल्पों का सामना करना और मेरे पास जो कुछ भी है, उसे देना है। मैं आपसे वादा करता हूं कि मैं ऐसे किसी भी सौदे पर सहमत नहीं हूं, जो समस्याओं को ठीक नहीं करता है, जो उत्तरी आयरलैंड और हमारे संघ को कुछ नहीं देता है।
प्रोटोकॉल का मतलब है कि इंग्लैंड, स्कॉटलैंड और वेल्स से आने वाला सामान जब उत्तरी आयरिश बंदरगाहों पर पहुंचेगा, तो ब्रिटेन के भीतर आने से पहले वह जांच की प्रक्रिया से गुजरेगा। उत्तरी आयरलैंड की डेमोक्रेटिक यूनियनिस्ट पार्टी (डीयूपी) इसका सख्त विरोध करती है, क्यों वे इसे ब्रिटेन के बाकी हिस्सों में क्षेत्र की स्थिति को कमजोर करने और व्यापार को गंभीर रूप से प्रभावित करने के रूप में देखती है।