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चाइनीज 'झूठ': वुहान लैब में 1000 से ज्यादा जानवरों के बदले गए थे जीन, इसी का परिणाम है कोरोना वायरस

Mon, 07 Jun 2021 04:05 PM IST
प्रशांत कुमार वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला

सार

चीन में  लंबे समय तक रहे ब्रिटिश पत्रकार ने चीनी मीडिया में प्रकाशित कई लेखों के हवाले से यह रिपोर्ट दी है कि वुहान लैब में जानवरों के जीन बदल दिए गए हैं। इसमें कोरोना वायरस की उत्पत्ति वुहान लैब से होने का भी उल्लेख किया गया है। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कोरोना वायरस के चीन की वुहान लैब से निकलने की अटकलों के बीच अब जानवरों के जीन बदलने का मामला सामने आया है। ब्रिटिश पत्रकार की रिपोर्ट के मुताबिक जैनेटिक इंजीनियरिंग की मदद से 1,000 से ज्यादा जानवरों के जीन बदले गए हैं। इन जानवरों में चूहे, चमगादड़, खरगोश और बंदर शामिल हैं। रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि वुहान से ही पूरी दुनिया में कोरोना वायरस का फैलाव हुआ था। 

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ब्रिटिश पत्रकार जैस्पर बेकर ने चीनी मीडिया में प्रकाशित कई लेखों के हवाले से यह रिपोर्ट दी है कि वुहान लैब में 1,000 से ज्यादा जानवरों के जीन बदल दिए गए हैं। वहां के कई लोकल न्यूजपेपर्स ने प्रमुखता से रिपोर्ट को प्रकाशित की है। इसमें कहा गया है कि चीन की प्रयोगशाला में जानवरों को वायरस के इंजेक्शन लगाए गए, जिससे उनके जीन बदल जाएं।

कोरोना वायरस की हुई यहीं से उत्पत्ति
वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि इंजेक्शन में इस्तेमाल की गई सामग्री के कारण कोरोना वायरस की उत्पत्ति हुई। रिपोर्ट में इसका भी उल्लेख है कि चीन अपनी प्रयोगशालाओं में ऐसे प्रयोग भी करा रहा है, जो अन्य देशों में प्रतिबंधित हैं। यहां तक कि वे इंसानों पर भी प्रयोग कर रहे हैं, जबकि दुनिया के कई देशों में ऐसे प्रयोग गैरकानूनी और अनैतिक हैं।
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प्रयोगशाला में बीमार रखे गए जानवर 
चीनी शिक्षाविदों ने वुहान लैब के बारे में कई लेख छापे हैं। इनमें एक का शीर्षक ‘कोरोना की संभावित उत्पत्ति’ पर है। इसमें कहा गया है कि वुहान सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने अपने लैब में बीमार जानवर रखे हैं। इनमें करीब 605 चमगादड़ है। ये चमगादड़ शोधकर्ताओं पर हमला भी करते हैं। 

महिला वायरोलॉजिस्ट ने तैयार किया कोरोना वायरस
कुछ चीनी विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि वुहान की वायरोलॉजिस्ट शी झेंगली ने दूरस्थ गुफाओं का कई बार दौरा की थी और वे यहां चमगादड़ों पर शोध कर रही थीं। चीन में वह झेंगली ‘बैट वुमन’ नाम से जानी जाती हैं। ऐसे में इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि झेंगली ने ही लैब में कोरोना वायरस बनाया हो।

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