पूरे ब्रिटेन में हवाई यातायात सेवा में तकनीकी खराबी के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य पर पहुंचने लिए काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिससे हवाईअड्डों पर अफरा-तफरी मची हुई है। सैकड़ों उड़ानें गंभीर रूप से बाधित हुईं हैं और हजारों यात्री फंसे हुए हैं। इसको लेकर ब्रिटेन सरकार ने मंगलवार को कहा कि तकनीकी मुद्दा तो हल हो गया है, लेकिन उड़ानें प्रभावित होती रहेंगी क्योंकि एयरलाइंस अपने शेड्यूल पर फंसे हुए यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों में समायोजित करने के लिए संघर्ष कर रही हैं।
सोमवार सुबह ब्रिटेन के हवाई यातायात नियंत्रण कंप्यूटर सिस्टम में नेटवर्क-व्यापी गड़बड़ी हुई थी। जिसके कारण सैकड़ों उड़ानों को रद्द करना पड़ा। सोशल मीडिया पर आशंका जताई गई थी कि ब्रिटेन की यातायात सेवा पर साइबर अटैक हुआ है। ऐसी खबरों को ब्रिटेन सरकार में मंत्री मार्क हार्पर ने सिरे से खारिज कर दिया।
यातायात नियंत्रण की गड़बड़ी के पीछे साइबर अटैक नहीं
उन्होंने कहा कि सोमवार को हुई इस हवाई यातायात नियंत्रण की गड़बड़ी के पीछे साइबर अटैक नहीं था। हार्पर ने बताया कि लगभग एक दशक से इस पैमाने पर कुछ नहीं हुआ है, आमतौर पर सिस्टम बहुत अच्छा काम करता है। उन्होंने कहा कि हमारे तकनीकी विशेषज्ञों ने इसे देखा है और यह स्पष्ट है कि यह कोई साइबर सुरक्षा घटना नहीं थी।
घटना की स्वतंत्र समीक्षा होगी
मंत्री ने कहा कि जो कुछ हुआ उसकी स्वतंत्र समीक्षा होगी और आने वाले दिनों में एक रिपोर्ट आने की उम्मीद है। आगे बोले कि सिस्टम को सोमवार दोपहर को ठीक कर लिया गया था और चीजें सामान्य हो रही हैं, लेकिन जाहिर तौर पर कुछ व्यवधान है जो लोगों के लिए आज भी जारी रहेगा और मुझे पता है कि हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। साथ ही कहा कि उम्मीद है कि एयरलाइंस अपनी जिम्मेदारियों के प्रति आगे बढ़ेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि वे लोगों को उनके गंतव्य तक ले जाएं, उन्हें वैकल्पिक उड़ान पर ले जाएं और इस बीच भोजन, पेय और आवास की व्यवस्था करें।