ब्रिटेन में कोरोना महामारी के कारण कंपनी के मालिको द्वारा लोगों को नौकरी से निकालने की वजह से बेरोजगारी की दर सितंबर से तीन महीनों में 2016 के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (ओएनएस) ने मंगलवार को कहा कि इस अवधि में बेरोजगारी की दर 4.5 प्रतिशत से बढ़कर 4.8 प्रतिशत हो गई है।
यह आंकड़ा वैश्विक वित्तीय संकट के बाद 2011 के अंत में पहुंची 8.5 प्रतिशत के शिखर से अभी भी काफी नीचे है। कोविड-19 के प्रसार को धीमा करने के उद्देश्य से कंपनी के पेरोल पर लगे लोगों की संख्या 782,000 से कम हो गई है।
सरकारी प्रतिबंधों की वजह से कई व्यवसायों को अपने श्रमिकों को निकालने के लिए मजबूर होना पड़ा, जबकि कुछ दुकानें और रेस्तरां अच्छे के लिए बंद किए गए थे। ब्रिटेन के वित्तमंत्री ऋ षि सुनक ने एक बयान में कहा कि आज के आंकड़े चुनौती के पैमाने को रेखांकित करते हैं। मुझे पता है कि यह पहले से ही अपनी नौकरी गवां चुके लोगों के लिए कठिन समय है।