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Britain: ब्रिटेन में आज करोड़ों मोबाइल फोन में चेक किया गया इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम, शुरू हुआ विरोध

Sun, 23 Apr 2023 07:43 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

वर्ल्ड स्नूकर चैंपियनशिप को भी अलर्ट के दौरान कुछ समय के लिए रोक दिया गया। वहीं जो लोग नहीं चाहते कि उनके फोन पर इमरजेंसी अलार्म ना बजे तो उन्हें रविवार दोपहर तीन बजे अपने फोन को स्विच ऑफ करने की सलाह दी गई है। 
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britain - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ब्रिटेन में रविवार दोपहर तीन बजे करोड़ों मोबाइल फोन्स में इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम चेक किया गया। इस दौरान सारे फोन्स ने एक साथ तेज आवाज में अलार्म बजाया और वाइब्रेट हुए। इस परीक्षण के पहले, ब्रिटेन के कैबिनेट कार्यालय के मंत्री और नवनियुक्त उप प्रधान मंत्री ओलिवर डाउडेन ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि 'शांत रहें और आगे बढ़ें'। उन्होंने कहा कि सरकार का नंबर एक काम लोगों को सुरक्षित रखना है, और यह टूलकिट में आपातकालीन स्थितियों के लिए एक और उपकरण है। 

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बता दें कि ऐसा ही इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम, जापान, कनाडा, नीदरलैंड्स और अमेरिका में भी है। इस इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का उद्देश्य है कि अगर कोई खतरा पैदा होता है तो लोगों को इस अलार्म के जरिए अलर्ट कर दिया जाए, जिससे वह खुद को सुरक्षित कर सकें। 

कैसे काम करेगा इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम
इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम के टेस्ट के लिए लोगों के पास जो मैसेज भेजा गया है, उसमें बताया गया है कि, यह एक इमरजेंसी अलर्ट टेस्ट है। ब्रिटेन सरकार की इस नई सेवा के जरिए लोगों को जानमाल का नुकसान करने वाली आपदा या आपातकालीन स्थिति के बारे में जानकारी देगी। बाढ़, आगजनी आदि समस्याओं के समय इस अलर्ट सिस्टम से काफी मदद मिलेगी। 
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ब्रिटेन सरकार के इस टेस्ट के दौरान फोन के साइलेंट रहने पर भी अलार्म बजा। इस दौरान ब्रिटेन में चल रहे खेल आयोजन भी कुछ समय के लिए बाधित हुए। वर्ल्ड स्नूकर चैंपियनशिप को भी अलर्ट के दौरान कुछ समय के लिए रोक दिया गया। वहीं जो लोग नहीं चाहते कि उनके फोन पर इमरजेंसी अलार्म ना बजे तो उन्हें रविवार दोपहर तीन बजे अपने फोन को स्विच ऑफ करने की सलाह दी गई थी। 

हो रहा विरोध
वहीं इस इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम का विरोध भी शुरू हो गया है। कंजर्वेटिव पार्टी के कई नेताओं ने सरकार के इस कदम पर सवाल उठाए हैं और लोगों से अपील की है कि वह सरकार के निर्देश का उल्लंघन करने के लिए अपने फोन स्विच ऑफ कर लें। कुछ लोग इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम को नैनी स्टेट बता रहे हैं, जहां सरकार आम लोगों की हद से ज्यादा चिंता करती है। 

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