भले ही अब तक कोरोना वायरस के संक्रमण से निपटने के लिए किसी तरह की दवा नहीं बन पाने की बात कही जा रही हो, लेकिन बंगलूरू के एक हेल्थ रिसोर्ट के डॉक्टर ने भारतीय प्राचीन आयुर्वेद चिकित्सा के जरिये कोरोना संक्रमण से जूझ रहे ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स को इस जानलेवा महामारी से उबारने का दावा किया है।
केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री श्रीपद नाइक ने बृहस्पतिवार को यहां अपने निजी आवास पर एक प्रेस कांफ्रेंस में इस बात की जानकारी सभी को दी। नाइक ने कहा, बंगलूरू में आयुर्वेदिक डॉक्टर मथाई हैं, जो सौख्य नाम से एक आयुर्वेद रिसोर्ट चलाते हैं। डॉ. मथाई ने मुझे फोन कर बताया कि ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स का कोरोना वायरस संक्रमण उनकी दवाई से सही हुआ है। यह दवाई आयुर्वेद और होम्योपैथी का मिश्रण है। नाइक का कहना है कि यह दिखाता है कि आयुर्वेद और होम्योपैथिक दवाएं किस तरह कोरोना वायरस के उपचार में कारगर हैं।
बता दें कि 25 मार्च को प्रिंस चार्ल्स का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव पाया गया था। इसके बाद से ही ब्रिटिश राजगद्दी के 71 वर्षीय उत्तराधिकारी ने खुद को क्वारंटीन किया हुआ था। क्लैरेंस हाउस की तरफ से जारी बयान में भी प्रिंस के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि की गई थी। उनके ठीक होने को लेकर ब्रिटिश प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
मंत्रालय कराएगा आयुर्वेदिक फार्मूले पर शोध
राज्यमंत्री नाइक ने डॉ. मथाई के फार्मूले का अध्ययन करने के लिए आयुष मंत्रालय की तरफ से एक स्पेशल टास्क फोर्स नियुक्त किए जाने की बात कही है। उनका कहना है कि यह टास्क फोर्स फार्मूले पर शोध करने के बाद रिपोर्ट पेश करेगी ताकि कोरोना वायरस से निपटने के लिए वैकल्पिक चिकित्सा के तौर पर इसका उपयोग किया जा सके।