ब्रिटेन में गृह सचिव प्रीति पटेल
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ब्रिटेन में वरिष्ठ सिविल सेवकों के संघ एफडीए ने लंदन हाईकोर्ट से प्रीति पटेल मामले में दखल देने की मांग की है। संघ ने कोर्ट से प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के उस फैसले को पलटने की मांग की है जिसके तहत गृह सचिव प्रीति पटेल को विभागीय अधिकारियों को परेशान करने के मामले में दोषमुक्त करने का आदेश दिया गया है।
उत्पीड़न मामले में गृह सचिव के पक्ष में बोरिस जॉनसन के फैसले को पलटने की भी मांग
गौरतलब है कि वरिष्ठतम सिविल सेवक सर फिलिप रुटनम ने पिछले साल प्रीति पटेल पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया था। हालांकि बाद में बोरिस जॉनसन ने प्रीति पटेल का ही पक्ष लिया था।
एफडीए महासचिव डवे पेनमैन ने एक लिखित ज्ञापन में हाईकोर्ट को बताया कि सिविल सेवकों को मंत्रियों द्वारा डराये जाने या उत्पीड़न की चिंताओं से मुक्त होकर काम करने की उम्मीद की जाती है। लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं हुआ और जिस तरह प्रधानमंत्री ने गृह सचिव का साथ दिया यह अनुशासनात्मक प्रक्रिया का मौलिक उल्लंघन है।
इस बीच कैबिनेट आफिस ने इस मामले की जांच में पाया कि पटेल ने मंत्री के नियमों के उल्लंघन में शामिल जरूर थीं भले ही यह अनजाने में हुआ हो। आमतौर पर नियम के उल्लंघन का दोषी पाये जाने पर मंत्री को इस्तीफा देना होता है, लेकिन अंतिम फैसला प्रधानमंत्री लेते हैं। इस मामले में बोरिस जॉनसन ने अब तक प्रीति पटेल का साथ दिया है।