भारतीय मूल की छात्रा 13 वर्ष की आन्या गोयल यूनाटेड किंगडम की यूरोपीय बालिका गणित ओलंपियाड टीम की सबसे कम उम्र सदस्य बनी हैं। दक्षिण लंदन के एलन स्कूल की पढ़ने वाली आन्या ने लॉकडाउन के दौरान अपना समय गणित के सवाल सुलझाने की दक्षता हासिल करने में लगाया।
13 साल की छात्रा छह लाख बच्चों के बीच मुकाबले के बाद यूरोपीय गर्ल्स ओलंपियाड के लिए चुनी गईं
आन्या के पिता अमित गोयल उनके कोच बने, वे खुद भी पूर्व गणित ओलंपियन रहे हैं। आन्या ने यूके के गणित ट्रस्ट की परीक्षाएं दीं और टीम के लिए चुनी गईं। इस टीम में शामिल होने के लिए पूरे देश से करीब 6 लाख विद्यार्थी प्रयास करते हैं।
इनमें से एक हजार को नवंबर में होने वाली ओलंपियाड के लिए चुना जाता है। इसमें जीते 100 विद्यार्थियों की दूसरे चरण की परीक्षा ली जाती है। यहां टॉप 4 में शामिल होते हुए आन्या ने टीम में जगह बनाई।
पहेलियों, क्रॉसवर्ड से सीखा
उन्हाेंने बताया कि वे बचपन में गणित की पहेलियां, सुडोकू के एक प्रकार काकुरो और क्रॉसवर्ड, आदि हल करने का अभ्यास करती थीं। स्कूल में सेकंडरी स्तर पर पहुंची तो कोडब्रेकिंग, साइफर चैलेंज, शतरंज, आदि से जुड़ी। वे मानती हैं कि गणित की ओर दूसरे बच्चों, खासतौर से छात्राओं को आकर्षित करने का उनके पास अच्छा मौका है।
गणित में बुरा होना सामान्य माना जाता है यूके में
यूके में गणित को कठिन विषय माना जाता है। इसमें बुरा होना एक सामान्य बात समझी जाती है। लेकिन आन्या के अनुसार गणित में मजबूत बनने के लिए सिर्फ और सिर्फ अभ्यास करने की जरूरत होती है। इससे न केवल गणित आसान बनती हैं, बल्कि आपका कौशल भी बढ़ता है।