कोरोना टीकाकरण अभियान के बीच वैज्ञानिक कोरोना के नए रूप को समझने के लिए वायरस के जीनोम को समझने में जुटे हैं। ये पता करना सबसे अहम है कि वायरस फेफड़ों में म्युटेट कर रहा है और कैसे दूसरे लोगों को प्रभावित कर सकता है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि नया रूप टीकाकरण अभियान के बीच सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आ सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैंबरिज रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक प्रो. स्टीवन केंप और प्रो. रवि गुप्ता बताते हैं कि आज ब्रिटेन के पास दुनियाभर में तैयार कोरोना के जीनोम के आधे जीनोम हैं।
आज ब्रिटेन के पास वायरस के करीब 165000 जीनोम सीक्वेंस हैं जबकि अमेरिका में सिर्फ 74 हजार और जर्मनी में 34000 हजार जीनोम हैं। इसका मकसद ऐसे लोगों में ये पता करना है कि क्या वायरस का नया रूप टीके के प्रभाव को कम कर सकता है।
60 देशों में फैल चुका है नय रूप
ब्रिटेन में मिला कोरोना का सबसे अधिक संक्रामक रूप 60 देशों में फैल चुका है। डब्ल्यूएचओ ने गुरूवार को बताया कि ब्रिटेने में फैला स्ट्रेन बी.1.1.17 यूरोपीय देशों के साथ अमेरिका,भारत,ऑस्ट्रेलिया, चीन और सऊदी अरब में दस्तक दे चुका है जो पहले से अधिक संक्रमक है। द. अफ्रीका में मिल रहे नए रूप के मामले भी दुनिया के 23 देशों में मिल चुके हैं।