कोविड-19 महामारी में आई मंदी से चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग का सपना, बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) लड़खड़ा रहा है। उसके पास बीआरआई के तहत बनाई परियोजनाओं के लिए पैसा नहीं है। चीन के कई कारोबार डूब रहे हैं, तो वहीं उसके नागरिक विदेशों में सरकारी निवेश का विरोध भी करने लगे हैं।
कोविड-19 महामारी के चलते योजनाओं के लिए पैसे की कमी
काबुल टाइम्स केअनुसार, इन्हीं वजहों से चीन ने बीआरआई के तहत नए लोन व निवेश पिछले वर्ष से 54 प्रतिशत घटाकर 4700 करोड़ डॉलर तक सीमित कर दिया है। चीन के अंतरराष्ट्रीय आर्थिक मामलों के विभाग के महानिदेशक वांग शाओलोंग ने हाल में माना था कि कोविड-19 से बिगड़े आर्थिक हालात से करीब 40 प्रतिशत बीआरआई प्रोजेक्ट पर खराब और 20 प्रतिशत पर बेहद खराब असर हुआ है।
अध्ययन संस्था ग्रीन बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव सेंटर के अनुसार, चीन की अर्थव्यवस्था तेजी से सिकुड़ी है। 2016 में बीआरआई प्रोजेक्ट के लिए चीन ने 7500 करोड़ डॉलर के लोन दिए थे, 2020 में यह 300 करोड़ रह गए हैं।
पाकिस्तान में 122 प्रोजेक्ट थे, 32 ही पूरे होंगे
चीन को पाकिस्तान का हर मौसम का साथी बताया जाता है। बीआरआई के तहत चीन ने यहां 122 प्रोजेक्ट घोषित किए थे। लेकिन अब अनुमान है कि इनमें से केवल 32 पूरे हो सकेंगे। कई अन्य विकासशील व गरीब अफ्रीकी देशों में चीन भारी लोन दे रहा था, यह देश भी अब पैसा लौटाने की स्थिति में नहीं हैं।