आतंकवाद से निपटने के एकजुट होना होगा
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, आतंकवाद और आतंक के वित्तपोषण से निपटने के लिए हमें एकजुट होना होगा और दृढ़ता से सहयोग करना होगा। ऐसे गंभीर मुद्दे पर दोहरे मापदंड के लिए कोई जगह नहीं है। हमें अपने देशों के युवाओं में चरमपंथी विचारों को रोकने के लिए सक्रिय रूप से कदम उठाने चाहिए। हमें संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के लंबित मुद्दों पर मिलकर काम करना होगा।
भारत ब्रिक्स में नए सदस्यों का स्वागत करने के लिए तैयार
प्रधानमंत्री ने आगे कहा, भारत ब्रिक्स भागीदार देश के रूप में नए सदस्य देशों का स्वागत करने के लिए तैयार है। इस संबंध में सर्वसम्मति से फैसले लिए जाने चाहिए और ब्रिक्स के संस्थापक सदस्यों के विचारों का सम्मान किया जाना चाहिए। जोहान्सबर्ग में आयोजित शिखर सम्मेलन में हमने जिन मार्गदर्शक सिद्धातों, मानकों, मानदंडों और प्रक्रियाओं को अपनाया है, उनका सभी सदस्य और भागीदार देशों को अनुसरण करना चाहिए। हमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी), बहुपक्षीय विकास बैंक और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) जैसी वैश्विक संस्थाओं में सुधार के लिए समय पर आगे बढ़ना चाहिए। ब्रिक्स के प्रयासों को आगे बढ़ाते समय हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि इस संगठन की छवि ऐसी न हो कि हम वैश्विक संस्थानों में सुधार नहीं बल्कि उनकी जगह लेना चाहते हैं।
चुनौतियों से निपटने में भूमिका निभा सकता है ब्रिक्स
उन्होंने आगे कहा, हमारी बैठक ऐसे समय हो रही है जब दुनिया युद्ध, संघर्ष, आर्थिक अनिश्चितता, जलवायु परिवर्तन और आतंकवाद जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रही है। दुनिया में उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम के बीच विभाजन की बातें हो रही हैं। इस तकनीक के युग में साइबर सुरक्षा, डीप फेक और गलत सूचना जैसी नई चुनौतियां सामने आई हैं। ऐसे में ब्रिक्स से काफी उम्मीदें हैं। मैं मानता हूं कि एक विविध और समावेशी मंच के रूप में ब्रिक्स सभी मुद्दों पर सकारात्मक भूमिका निभा सकता है। इस संदर्भ, में हमारा दृष्टिकोण जन केंद्रित होना चाहिए। हमें दुनिया को संदेश देना चाहिए कि ब्रिक्स विभाजनकारी नहीं बल्कि जनहित का एक समूह है।
प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिक्स देशों के बीच वित्तीय एकीकरण पर दिया जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ब्रिक्स देशों में इन्फ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर दिया जा रहा है। भारत में मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को तेजी से बढ़ाने के लिए हमने गति शक्ति पोर्टल बनाया है। इससे विकास की योजनाओं को एकीकृत करने और उनके क्रियान्वयन में मदद मिली है और लॉजिस्टिक्स लागत कम हो गई है। हमें अपने अनुभव आप सभी के साथ साझा करने में खुशी होगी। हम ब्रिक्स देशों के बीच वित्तीय एकीकरण बढ़ाने के प्रयासों का स्वागत करते हैं। स्थानीय मुद्रा में व्यापार और आसान सीमा पार भुगतान से हमारा आर्थिक सहयोग मजबूत होगा। भारत द्वारा बनाया गया यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) भारत की एक बड़ी सफलता की कहानी है। इसे कई देशों में अपनाया गया है। पिछले साल, हमने इसे यूएई के शेख मोहम्मद के साथ मिलकर लॉन्च किया। इस क्षेत्र में अन्य देशों के साथ भी सहयोग किया जा सकता है।
वैश्विक चुनौतियों से निपटने में ब्रिक्स प्रभावी माध्यम बनेगा
मोदी ने आगे कहा, मैं 16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए राष्ट्रपति पुतिन को धन्यवाद देना चाहता हूं। मैं एक बार फिर से ब्रिक्स से जुड़े नए सहयोगियों का दिल से स्वागत करता हूं। अपने नए रूप में ब्रिक्स दुनिया की 40 फीसदी आबादी और करीब 30 फीसदी अर्थव्यवस्था का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा, ब्रिक्स ने पिछले दो दशकों में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। मुझे भरोसा है कि आने वाले समय में यह समूह वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए और अधिक प्रभावी माध्यम बनकर उभरेगा। मैं नए विकास बैंक (एनडीबी) की अध्यक्ष दिल्मा रूस्सेफ को बधाई देता हूं। यह बैंक पिछले दस वर्षों में वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बनकर उभरा है। एनडीबी को मांग-आधारित सिद्धांत पर काम करना जारी रखना चाहिए और बैंक का विस्तार करते समय दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता, स्वस्थ क्रेडिट रेटिंग और बाजार पहुंच को प्राथमिकता देनी चाहिए।
ब्रिक्स वैक्सीन शोध एवं विकास केंद्र ने देशों की स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ाने में मदद की
प्रधानमंत्री ने कहा, 2022 में लॉन्च किया गया ब्रिक्स वैक्सीन शोध एवं विकास (आर एंड डी) केंद्र भी देशों की स्वास्थ्य सुरक्षा को बढ़ाने में मदद कर रहा है। हमें ब्रिक्स भागीदारों के साथ डिजिटल स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत के सफल अनुभव को साझा करने में खुशी होगी।
जलवायु परिवर्तन हमारी साझी प्राथमिकता का विषय: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, जलवायु परिवर्तन हमारी साझी प्राथमिकता का विषय रहा है। रूस की मेजबानी में ब्रिक्स खुले कार्बन बाजार साझेदारी के लिए बनी सहमति का ब्रिक्स स्वागत करता है। भारत में भी हरित विकास, जलवायु के अनुकूल बुनियादी ढांचे पर जोर दिया जा रहा है। भारत में भी अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, जलवायु-स्थायी संरचना के लिए गठबंधन और एक पेड़ मां के नाम जैसी पहलों को शुरू किया गया है। पिछले साल कॉप 28 के दौरान हमने ग्रीन क्रेडिट जैसी महत्वपूर्ण पहल शुरू की थी। मैं ब्रिक्स भागीदारों को इन पहलों में शामिल होने का आमंत्रण देता हूं।