अमेरिका में अश्वेतों से साथ दुर्व्यवहार को लेकर प्रदर्शन अब भी जारी हैं। ऐसा ही एक मामला अश्वेत महिला ब्रूना टेलर का है जिन्हें मार्च में उनके लुइसविले के अपार्टमेंट में छापे के दौरान पुलिस अधिकारियों ने मार्च में छह गोलियां मारीं। इस मामले में लुइसविले पुलिस के एक पूर्व जासूस को ज्यूरी ने दोषी ठहराया। इस बीच, यहां जारी प्रदर्शन में दो पुलिस अधिकारियों को गोली मारी गई।
फिलहाल लुइसविले में आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी गई है और पूरे शहर में नेशनल गार्ड तैनात कर दिए गए हैं। ब्रूना टेलर हत्याकांड को अमेरिका के सबसे विवादास्पद गोलीकांड में से एक माना जाता है। इसे लेकर न्यूयॉर्क, शिकागो, मिल्वौकी और देश भर के छोटे शहरों में पहले से प्रदर्शन जारी हैं। लेकिन लुइसविले में प्रदर्शन की घोषणा के बाद जब कुछ लोग सड़कों से गुजर रहे थे तभी दो पुलिस अधिकारियों पर गोली चला दी गई। इससे पहले इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया था।
प्रदर्शनकारी घटना में शामिल सभी तीन श्वेत पुलिस अधिकारियों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। अधिकारियों ने गोली चलाने वालों का पीछा किया लेकिन वे भागने में सफल रहे। बता दें कि ब्रूना के घर में घुसकर पुलिस ने उन पर 32 गोलियां चलाई थीं।