बच्ची की मां डायना डी जीसस बारबोसा ने इस पल को संजोकर रखना चाहती थी, इसलिए उन्होंने स्थानीय फोटोग्राफर रोड्रिगो कंट्समैन को बुलाया। डायना ने बताया कि तस्वीर इस बात को बयां करती है कि बच्ची कितनी बहादुर है। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी पैदा ही बहादुर हुई।
डायना ने बताया कि मुझे पता है कि यह तस्वीर अब मीम बन चुकी है। जब भी उसका डायपर खोला जाता है या उसका उपचार किया जाता है तो वह भौंहें चढ़ाकर देखती है।
इस तस्वीर को लेने वाले फोटोग्राफर रोड्रिगो ने बताया कि डॉक्टरों ने गर्भनाल काटने से पहले बच्ची के रोने का इंतजार किया। उन्होंने बताया कि बच्ची ने अपनी आंखें खोलीं, लेकिन वह बिल्कुल भी रोई ही नहीं।
रोड्रिगो ने बताया कि डॉक्टरों ने प्यार से उसे रोने के लिए कहा, लेकिन उसने गंभीर दिखने वाला चेहरा बनाकर डॉक्टरों की तरफ देखा और जैसे ही उसकी गर्भनाल को काटा गया, वह रोने लगी। उन्होंने कहा कि बच्चे का जन्म एक विशेष क्षण में होता है, जिसे रिकॉर्ड किया जाना चाहिए।