कनाडा के ब्रैम्पटन में हिंदू मंदिर पर हमले मामले में पील क्षेत्र पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने शनिवार को ब्रैम्पटन के निवासी इंद्रजीत गोसल को गिरफ्तार किया। जिसके ऊपर मंदिर में हथियार से हमले का आरोप है।
कनाडा में 3 नवंबर को ब्रैम्पटन हिंदू मंदिर झड़प के मामले में पील क्षेत्र पुलिस ने एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने शनिवार को बताया कि 21 डिवीजन आपराधिक जांच ब्यूरो और रणनीतिक जांच दल (एसआईटी) के जांचकर्ताओं ने ब्रैम्पटन मंदिर में हुई हिंसा में शामिल एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आगे कहा कि 3 नवंबर को ब्रैम्पटन में गोर रोड पर स्थित मंदिर में हुए प्रदर्शन के दौरान झड़पें हुईं। जैसे-जैसे विरोधी पक्षों के बीच तनाव बढ़ा, प्रदर्शन शारीरिक और हिंसक हो गए।
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वीडियो के आधार पर जांच शुरू
इसके साथ ही बयान में बताया गया कि कई घटनाओं की जांच शुरू की गई, जिनमें से कुछ वीडियो में रिकॉर्ड हो गईं। इन वीडियो में लोग झंडे और डंडों का इस्तेमाल कर दूसरे लोगों पर हमला करते दिख रहे थे। जानकारी के अनुसार पुलिस ने 8 नवंबर को ब्रैम्पटन के निवासी इंद्रजीत गोसल को गिरफ्तार किया। जिसके ऊपर मंदिर में हथियार से हमले का आरोप लगा है।
रणनीतिक जांच दल का गठन
मंदिर हमले मामले में 3 और 4 नवंबर को हुई आपराधिक घटनाओं की जांच के लिए एक रणनीतिक जांच दल का गठन किया गया है। पुलिस ने बताया कि इस तरह की जटिल जांच में समय लगता है और जब भी किसी व्यक्ति की पहचान हो जाती है तो उन्हें गिरफ्तार किया जाता है। इसके साथ ही पुलिस यह भी कह रही है कि वे अब भी घटनाओं के सैकड़ों वीडियो का विश्लेषण कर रहे हैं और आरोपियों की पहचान करने और गिरफ्तारियों के लिए काम कर रहे हैं।
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पीएम मोदी समेत इन नेताओं ने की निंदा
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट करके इस हमले की निंदा की थी। इसके अलावा भारतीय उच्चायोग ने कनाडा में एक वाणिज्य दूतावास शिविर के बाहर "भारत विरोधी" तत्वों द्वारा किए गए हिंसक व्यवधान की भी निंदा की। इसके साथ ही कनाडा के सांसद चंद्र आर्य ने भी 3 नवंबर को ब्रैम्पटन में हुए हमले की निंदा की। उन्होंने इस घटना को हिंदू-सिख मुद्दे के रूप में गलत तरीके से पेश करने के लिए कुछ राजनेताओं की आलोचना की।