अपने जन्मदिन पर नेपाल के नक्शे वाला केक काटकर नेपाली प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली विवादों में फंस गए हैं। उन्होंने कहा है कि उनके देश के लिए भारत और चीन दोनों ही बहुत अहम हैं और दोनों देशों के साथ रिश्ते बेहतर रखते हुए ही नेपाल को विकास के रास्ते पर आगे ले जाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री ओली ने एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान कहा कि भारत और चीन में दो अलग अलग किस्म की राजनीतिक व्यवस्थाएं हैं, दोनों देशों की सामाजिक-आर्थिक स्थितियां भी अलग अलग हैं, ऐसी स्थिति में नेपाल दोनों ही देशों के साथ संतुलित तरीके से अपने रिश्ते को आगे बढ़ाकर ही विकास का अपना लक्ष्य हासिल कर सकता है।
ओली ने दोनों देशों की भौगोलिक स्थितियों के साथ साथ उनकी विशालता की भी चर्चा की और कहा कि नेपाल बेहद कारगर और कूटनीतिक तरीके से दोनों के साथ अपने रिश्ते बरकरार भी रखेगा और मजबूत भी करेगा।
ओली ने अपने देश में सड़क से लेकर पुलों के निर्माण, ऊर्जा के क्षेत्र में हुई तरक्की और दूसरे क्षेत्रों में पिछले दो-ढाई सालों में हुए विकास का जिक्र भी किया और इसमें भारत और चीन की भूमिका और सहयोग की तारीफ की।
कालापानी क्षेत्र वापस लेने के लिए नेपाल प्रतिबद्ध – नेपाली गृहमंत्री
दूसरी तरफ एक अन्य कार्यक्रम में नेपाल के गृहमंत्री रामबहादुर थापा बादल ने कहा कि नेपाल अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर कालापानी के मसले को उठाएगा। थापा ने कहा कि वह भारत के साथ कालापानी के अपने क्षेत्र को वापस करने की कूटनीतिक कोशिशें जारी रखेगा।