हाउस ऑफ कॉमन्स विशेषाधिकार समिति ने अपने निष्कर्षों का सारांश प्रकाशित किया है। इसने जॉनसन को इसी महीने के अंत तक मौखिक साक्ष्य देने के लिए बुलाया है, ताकि इस बात पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सके कि क्या उन्होंने जानबूझकर संसद को गुमराह किया था।
ब्रिटेन की एक संसदीय समिति पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के आचरण की जांच कर रही है। इस समिति ने शुक्रवार को कहा कि ऐसा हो सकता है कि जॉनसन ने हाउस ऑफ कॉमन्स को कई बार गुमराह किया हो।
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हाउस ऑफ कॉमन्स विशेषाधिकार समिति ने अपने निष्कर्षों का सारांश प्रकाशित किया है। इसने जॉनसन को इसी महीने के अंत तक मौखिक साक्ष्य देने के लिए बुलाया है, ताकि इस बात पर अंतिम निष्कर्ष निकाला जा सके कि क्या उन्होंने जानबूझकर संसद को गुमराह किया था।
पिछले साल 10 डाउनिंग स्ट्रीट से पार्टीगेट घोटाले के कारण 58 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री ने पद से इस्तीफा दे दिया था। हाउस ऑफ कॉमन्स में बार-बार उन्होंने इस बात से इनकार किया था कि सरकारी आवासाों के भीतर कोविड लॉकडाउन के नियम तोड़े गए हैं। ससंदीय समिति द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत सबूत से बताते हैं कि जॉनसन जब सभाओं में होते थे, उस समय (कोविड) गाइडलाइंस का उल्लंघन होता था।