ऑस्ट्रेलिया में बीते दिनों बॉन्डी बीच पर हुई गोलीबारी के बाद बंदूक लाइसेंस के नियम कड़े करने की तैयारी हो रही है। आरोपी नवीद पर कट्टरपंथियों से संबंध रखने का जांच एजेंसियों को शक था, इसके बावजूद नवीद के पिता को बंदूकों को छह लाइसेंस देने पर भी सवाल उठ रहे हैं।
ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर हुई गोलीबारी के आरोपी साजिद अकरम को बंदूक का लाइसेंस लेने के लिए कई वर्षों का इंतजार करना पड़ा था। पहले दावा किया जा रहा था कि साजिद अकरम और उसके बेटे नवीद अकरम पर सुरक्षा एजेंसियों को शक था, इसके चलते बंदूक का लाइसेंस मिलने में देरी हुई। हालांकि अब न्यू साउथ वेल्स के प्रधानमंत्री क्रिस मिन्स ने साफ किया है कि शक के चलते नहीं बल्कि प्रशासनिक गड़बड़ी के चलते साजिद अकरम को लाइसेंस मिलने में देरी हुई थी।
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साजिद को कई साल बाद मिला बंदूक का लाइसेंस
साजिद अकरम को पुलिस ने बॉन्डी बीच की घटना के समय ही ढेर कर दिया था, जबकि उसका 24 साल का बेटा नवीद अकरम घायल है। दोनों ने 14 दिसंबर को बॉन्डी बीच पर हनुक्का पर्व मना रहे यहूदियों पर गोलीबारी की थी, जिसमें 16 लोग मारे गए थे। यह ऑस्ट्रेलिया के इतिहास की सबसे खूनी घटनाओं में से एक है। जांच में पता चला है कि साजिद अकरम के पास छह राइफलों और एक शॉटगन का लाइसेंस था। साजिद ने साल 2000 में बंदूक लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। आमतौर पर इसमें छह से 8 हफ्तों का समय लगता है, लेकिन साजिद को तीन साल पहले ही लाइसेंस मिला था।
दरअसल नवीद अकरम के कट्टरपंथियों से संबंधों की सुरक्षा एजेंसियों द्वारा साल 2019 में जांच की गई थी। इसके बावजूद नवीद के पिता साजिद को बंदूक का लाइसेंस देने पर सवाल उठ रहे हैं। जब इसे लेकर क्रिस मिन्स से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ये सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में ऐसा न हो।
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बंदूक के लाइसेंस देने के नियम सख्त करने की तैयारी
बॉन्डी बीच की घटना के बाद ऑस्ट्रेलिया में बंदूक के लाइसेंस देने के नियम कड़े करने की तैयारी है। न्यू साउथ वेल्स की संसद में जल्द ही इस संबंध में कानून पारित हो सकता है। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने स्ट्रेट पुल मैकेनिज्म वाली बंदूकों का इस्तेमाल किया, जिससे वे तेजी से फायरिंग कर सके। नए कानून के तहत साजिद जैसे लोगों को स्ट्रेट पुल मैकेनिज्म वाली बंदूकों का लाइसेंस नहीं मिल सकेगा। नए नियमों के तहत सिर्फ ऑस्ट्रेलिया के नागरिकों को ही बंदूक का लाइसेंस मिलेगा और साजिद अकरम जैसे लोग बंदूक नहीं ले सकेंगे। बता दें कि साजिद के पास ऑस्ट्रेलिया में रहने का परमानेंट रेजीडेंट वीजा था। साथ ही संदिग्ध लोगों और जिन पर जांच एजेंसियों को शक है, उन्हें भी बंदूक का लाइसेंस नहीं मिल सकेगा।
ऑस्ट्रेलिया में अभी कोई व्यक्ति कितने भी लाइसेंस ले सकता है। एक व्यक्ति के नाम पर तो 298 बंदूके पंजीकृत हैं। अब नए कानून के तहत कोई व्यक्ति अधिकतम चार बंदूकों का ही लाइसेंस ले सकेगा। हालांकि निशानेबाजों और किसानों को अधिकतम 10 बंदूकों का लाइसेंस मिल सकेगा।