यूरोप में विमानों को बम से उड़ाने की धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को अलग-अलग देशों में कई उड़ानों को बम की धमकी मिलने के बाद उनका रास्ता बदलना पड़ा। कुछ विमानों की आपातकालीन लैंडिंग कराई गई, जबकि कुछ को दूसरे हवाई अड्डों पर उतारा गया। डबलिन से रोम जा रही एर लिंगस की उड़ान को फ्रांस के सैन्य एयरबेस पर भेजा गया। वहीं, हेलसिंकी से रोम जा रही फिनएयर की उड़ान और बुल्गारिया जा रही रायनएयर की तीन उड़ानों को भी धमकियां मिलीं। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने यूरोप के हवाई क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
इन घटनाओं में विमानों को सुरक्षित उतारने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अलग-अलग कदम उठाए गए। फिनलैंड की फिनएयर ने बताया कि उसकी उड़ान संख्या 1761 को बम की धमकी मिली थी। यह विमान हेलसिंकी से इटली की राजधानी रोम जा रहा था। हालांकि, विमान ने रोम में सामान्य तरीके से लैंडिंग की। इसके बाद उसकी जांच की गई, लेकिन उसमें कोई संदिग्ध चीज नहीं मिली। दूसरी ओर, बुल्गारिया की राजधानी सोफिया जा रही रायनएयर की तीन उड़ानों को भी बम की धमकी के कारण आपात स्थिति का सामना करना पड़ा। इन घटनाओं के बीच डबलिन से रोम जा रहे एर लिंगस के विमान को फ्रांस की ओर मोड़कर सैन्य एयरबेस पर उतारा गया।
किन-किन उड़ानों को मिली बम की धमकी और कहां हुई लैंडिंग?
- फिनएयर की उड़ान संख्या 1761 हेलसिंकी से रोम जा रही थी। धमकी मिलने के बाद भी विमान रोम में सामान्य रूप से उतरा। जांच में कुछ असामान्य नहीं मिला।
- रायनएयर की कोपेनहेगन से सोफिया जा रही उड़ान सुरक्षित सोफिया के वासिल लेव्स्की हवाई अड्डे पर उतरी।
- मैड्रिड से सोफिया जा रही रायनएयर की दूसरी उड़ान भी सोफिया में सुरक्षित उतारी गई।
- लंदन के स्टैनस्टेड हवाई अड्डे से सोफिया जा रही रायनएयर की तीसरी उड़ान का रास्ता बदल दिया गया। इसे बुल्गारिया के दूसरे सबसे बड़े शहर प्लोवदिव के हवाई अड्डे पर उतारा गया।
- डबलिन से रोम जा रहे एर लिंगस के एयरबस ए320 विमान को फ्रांस के नॉरमैंडी क्षेत्र में स्थित एव्रू सैन्य एयरबेस पर उतारा गया।
डबलिन से रोम जा रहे विमान को फ्रांस के सैन्य एयरबेस पर क्यों उतारा गया?
डबलिन से रोम जा रहा एर लिंगस का एयरबस ए320 विमान भी बम की धमकी के बाद चर्चा में आया। धमकी मिलने पर विमान का रास्ता बदल दिया गया और उसे फ्रांस के नॉरमैंडी क्षेत्र में स्थित एव्रू सैन्य एयरबेस की ओर भेजा गया। उड़ानों पर नजर रखने वाली वेबसाइट फ्लाइटरडार24 के अनुसार, विमान पेरिस के पास पहुंचने के बाद मुड़ गया था। इसके बाद उसने एव्रू के ऊपर चक्कर लगाए और उड़ान के दौरान आपातकाल घोषित किया। फ्रांस के प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू का कार्यालय इस मामले पर नजर रख रहा था। विमान में बम मिला या नहीं, यात्रियों की संख्या कितनी थी और धमकी किसने दी थी, इसकी विस्तृत जानकारी तत्काल सामने नहीं आई।
इससे पहले यूरोप में कितनी उड़ानों को निशाना बनाया गया था?
गुरुवार की घटनाएं ऐसे समय हुईं, जब इससे पहले भी यूरोप में कई विमानों को बम की धमकियां मिल चुकी थीं। मंगलवार को कम से कम सात उड़ानों और एक क्रूज जहाज को धमकी मिलने की जानकारी सामने आई थी। कुछ रिपोर्टों में उस दिन करीब 10 उड़ानों को निशाना बनाए जाने की बात कही गई थी। इन धमकियों के कारण पोलैंड के वारसॉ हवाई अड्डे को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा था। रोम में भी लड़ाकू विमानों को उड़ान भरनी पड़ी थी। जिन एयरलाइंस की उड़ानों को धमकी मिली थी, उनमें लॉट, स्कैंडिनेवियन एयरलाइंस, विज एयर और रायनएयर शामिल थीं। एक बुल्गारिया जाने वाले विमान को भी पहले हंगरी की ओर मोड़ना पड़ा था।
क्या इन धमकियों के बाद किसी विमान में विस्फोटक मिला?
अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, इन घटनाओं में विमानों की जांच के दौरान कोई विस्फोटक उपकरण नहीं मिला है। पहले सामने आई धमकियों के मामलों में भी किसी विमान में बम मिलने की पुष्टि नहीं हुई थी और किसी के घायल होने की खबर नहीं थी। फिनएयर ने भी बताया कि रोम में उतरने के बाद विमान में कुछ असामान्य नहीं मिला। हालांकि, धमकी मिलने के बाद विमान का रास्ता बदलना, आपातकाल घोषित करना और दूसरे हवाई अड्डे पर उतारना यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कदम हैं। हर ऐसी सूचना को गंभीरता से लिया जाता है, क्योंकि विमान में थोड़ी सी भी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
यूरोप में लगातार धमकियों से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता क्यों बढ़ी?
यूरोप में लगातार मिल रही बम धमकियों के बीच सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। हाल के दिनों में सुपरमार्केट के रेफ्रिजरेशन सिस्टम पर हमले, अलग-अलग देशों में ड्रोन दिखाई देने और अलर्ट भेजने वाले मोबाइल ऐप से जुड़ी संदिग्ध घटनाएं भी सामने आई हैं। इन घटनाओं को व्यापक सुरक्षा खतरे के संदर्भ में देखा जा रहा है। इसे हाइब्रिड खतरा कहा जाता है। इसका मतलब है कि किसी देश या क्षेत्र को परेशान करने के लिए केवल सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि साइबर हमले, तकनीकी बाधाएं, अफवाहें और झूठी सूचनाओं जैसे तरीकों का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। फिलहाल विमानों को मिली धमकियों के पीछे किसका हाथ है, यह स्पष्ट नहीं है। लेकिन लगातार बदलते हवाई मार्ग और आपातकालीन लैंडिंग से यूरोप के विमानन क्षेत्र पर दबाव बढ़ रहा है।