तालिबान के शासन में अफगानिस्तान की राजधानी काबुल एक बार फिर दहल गई है। इस बार धमाका रूसी दूतावास के पास हुआ है जिसमें 2 रूसी कर्मचारियों समेत 25 लोगों की मौत हो गई। यह आत्मघाती धमाका काबुल के दारुल अमन क्षेत्र में हुआ, जहां रूसी दूतावास है। यह हमला ऐसे वक्त में हुआ जब लोग दूतावास के बाहर वीजा पाने के लिए कतार में लगे थे। हमले की अभी किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली है।
बता दें, रूस उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिसने अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे के बाद भी काबुल में अपने दूतावास का संचालन जारी रखा है। हालांकि मॉस्को ने आधिकारिक तौर पर तालिबान की सरकार को मान्यता नहीं दी है। रूसी विदेश मंत्रालय ने काबुल दूतावास के पास धमाके में दो कर्मियों के मारे जाने की बात स्वीकार कर ली है।
काबुल सुरक्षा विभाग के प्रवक्ता खालिद जादरान ने बताया कि एक आत्मघाती हमलावर रूसी दूतावास के सामने जमा लोगों के बीच गया और खुद को उड़ाने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षा बलों ने उसे भीड़ के करीब जाने से रोका। तभी उसने धमाका कर दिया। स्थानीय समाचार साइट टोलो न्यूज और समाचार नेटवर्क अल जजीरा के अनुसार, मृतक संख्या 25 है जबकि कई अन्य घायल हैं।
गार्डों ने हमलावर को पहचाना और लक्ष्य से पहले रोक लिया
स्थानीय मीडिया के मुताबिक, धमाका रूसी दूतावास के गेट के सामने हुआ। इसे एक आत्मघाती हमलावर ने अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि दूतावास के बाहर तैनात तालिबान के सुरक्षा गार्डों ने हमलावर को पहचान लिया था। उन्होंने उसे गोली भी मारी, लेकिन तभी हमलावर ने खुद को उड़ा दिया और धमाका हो गया। तालिबान के पुलिस प्रमुख मावलवी साबिर ने कहा, आत्मघाती हमलावर को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही खत्म कर दिया गया।
एक रूसी राजनयिक घायल
तालिबान के स्थानीय पुलिस प्रमुख मावलवी साबिर ने बताया कि हमले में एक रूसी राजनयिक भी घायल हुआ है। धमाका इतना तेज था कि मारे गए लोगों के क्षत-विक्षत शव मौके पर बिखर गए। चारों तरफ धुआं फैल गया। धमाके के बाद अफरा-तफरी मच गई। लोग बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। धमाके में कई लोग घायल हो गए, जिन्हें दूतावास के पास स्थित एस्टीकलाल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
रूस ने कहा, आतंकी कार्रवाई बर्दाश्त नहीं
रूस ने इस घटना को आतंकी कार्रवाई बताते हुए अस्वीकार्य बताया। रूसी विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह धमाका वीजा के लिए उम्मीदवारों का नाम पुकारे जाने के दौरान हुआ और इसी मकसद से रूसी राजनयिक इमारत से निकला था। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने धमाके को आतंकी कृत्य बताते हुए कहा कि यह बर्दाश्त के योग्य नहीं है।
हाल में बढ़ी आतंकी घटनाएं
पिछले कुछ दिनों में अफगानिस्तान में आतंकी हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। हाल ही में 2 सितंबर को हेरात शहर के गुजरगाह मस्जिद में बम धमाका हुआ, जिसमें 20 लोगों की मौत हो गई थी और 200 घायल हुए। बम धमाके में अफगानिस्तान के एक प्रमुख मौलवी मुजीब-उल रहमान अंसारी की मौत हो गई। 17 अगस्त काबुल की एक मस्जिद में हुए बम धमाके में भी 20 लोग मारे गए। नमाज के वक्त इस धमाके में मौलवी अमीर मोहम्मद काबुली भी मारे गए।