क्या बोइंग के विमानों में फिर मिली तकनीकी खामियां?
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बोइंग 737 Max विमानों को लेकर एक बार फिर सुरक्षा से जुड़ा बड़ा कदम उठाया गया है। अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) ने बोइंग 737 मैक्स के सैकड़ों विमानों की अनिवार्य जांच का आदेश दिया है। यह फैसला पुराने बोइंग 737 विमानों में कुछ हिस्सों में दरार मिलने की रिपोर्ट के बाद लिया गया है। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि अभी तक बोइंग 737 Max विमानों में ऐसी कोई दरार नहीं मिली है। इसके बावजूद भविष्य के जोखिम को देखते हुए यह जांच जरूरी मानी गई है।
एफएए ने क्या आदेश जारी किया है?
एफएए ने बताया कि यह नया नियम 10 सितंबर से लागू होगा। इसके दायरे में बोइंग 737-8, 737-9 और 737-8200 मॉडल के कुल 471 विमान आएंगे। एजेंसी का कहना है कि इन विमानों के कुछ हिस्सों का डिजाइन पुराने 737 Next Generation विमानों जैसा है। ऐसे में एहतियात के तौर पर सभी प्रभावित विमानों की जांच कराई जाएगी ताकि किसी संभावित तकनीकी खराबी का समय रहते पता लगाया जा सके।
दरार की आशंका किस हिस्से में है?
एफएए के अनुसार चिंता विमान के फॉरवर्ड बेयर स्ट्रैप को लेकर है। यह धातु की मजबूत प्लेट होती है, जो विमान के दरवाजों और आपातकालीन निकास जैसे हिस्सों को अतिरिक्त मजबूती देती है। पुराने बोइंग 737 नेक्सट जेनरेशन विमानों में इसी हिस्से में दरार मिलने की रिपोर्ट आई थी। एजेंसी का कहना है कि यदि समय रहते जांच नहीं हुई तो इससे विमान की संरचनात्मक मजबूती प्रभावित हो सकती है।
बोइंग ने इस पूरे मामले पर क्या कहा?
- बोइंग ने कहा कि उसने इस समस्या की पहचान कई साल पहले ही कर ली थी।
- कंपनी के मुताबिक 2019 में एयरलाइंस को जांच संबंधी निर्देश भेज दिए गए थे।
- एफएए ने 2021 में पुराने 737 विमानों के लिए इन जांचों को अनिवार्य किया था।
- बोइंग का कहना है कि उसने मैक्स विमानों पर भी यही जांच पहले ही शुरू कर दी थी।
- कंपनी ने कहा कि वह एफएए के नए आदेश का समर्थन करती है।
- बोइंग ने भरोसा दिलाया कि वह सभी एयरलाइंस को तकनीकी सहयोग देती रहेगी।
क्या बोइंग पहले भी सुरक्षा विवादों में घिर चुका है?
बोइंग पिछले कई वर्षों से सुरक्षा और गुणवत्ता से जुड़े विवादों का सामना कर रहा है। वर्ष 2018 और 2019 में बोइंग 737 Max 8 के दो बड़े हादसों में कुल 346 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद दुनियाभर में इस विमान की उड़ानों पर रोक लगाई गई थी। इसके अलावा 2024 में अलास्का एयरलाइंस के बोइंग 737 मैक्स 9 विमान में उड़ान के दौरान एक पैनल अलग हो गया था। इन घटनाओं के बाद बोइंग की गुणवत्ता और सुरक्षा प्रक्रियाओं पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
एफएए के इस फैसले का एयरलाइंस पर क्या असर होगा?
एफएए के आदेश के बाद प्रभावित विमानों का तकनीकी निरीक्षण करना एयरलाइंस के लिए अनिवार्य होगा। यदि किसी विमान में दरार या तकनीकी समस्या मिलती है तो उसकी मरम्मत के बाद ही उसे सेवा में लगाया जाएगा। इससे कुछ विमानों के संचालन पर अस्थायी असर पड़ सकता है, लेकिन एजेंसी का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
क्या यात्रियों को चिंता करने की जरूरत है?
फिलहाल एफएए और बोइंग दोनों ने स्पष्ट किया है कि बोइंग 737 मैक्स विमानों में अभी तक ऐसी कोई दरार नहीं मिली है। यह कदम पूरी तरह एहतियाती है ताकि भविष्य में किसी संभावित जोखिम से बचा जा सके। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित तकनीकी जांच से विमानों की सुरक्षा और विश्वसनीयता को और मजबूत किया जा सकता है।