Bangladesh Election: बीएनपी के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने आगामी चुनाव के लिए ढाका-17 सीट से अपने नामांकन पत्र सोमवार को दाखिल किए। उन्होंने 17 साल के निर्वासन के बाद बांग्लादेश लौटकर अपनी पार्टी की कमान संभाली है और मतदाता सूची में अपना नाम भी दर्ज करवा लिया है।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने सोमवार को आगामी चुनावों के लिए अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। 'डेली स्टार' की रिपोर्ट के मुताबिक, नामांकन पत्र सोमवार को दोपहर करीब 12 बजे सेगुनबागीचा स्थित ढाका संभाग आयुक्त के कार्यालय में जमा किए गए।
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नामांकन पत्र दाखिल करने का आज अंतिम दिन
बीएनपी अध्यक्ष के सलाहकार अब्दुस सलाम ने बांग्लादेश डॉक्टर संघ (डीएबी) के मुख्य सलाहकार प्रोफेसर डॉ. फरहद हलीम डोनार के साथ मिलकर तारिक रहमनान की ओर से नामांकन पत्र जमा किए। तारिक रहमान 12 फरवरी को होने वाले चुनाव में ढाका-17 सीट से चुनाव लड़ेंगे। 13वें संसदीय चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल करने का आज अंतिम दिन है।
अब्दुस सलाम ने मीडिया के जरिये सभी का आभार जताया और कहा कि 17 साल के निर्वासन के बाद तारिक रहमान का शहरवासियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ढाका-17 के लोग 12 फरवरी के चुनाव में अपनी इच्छा से तारिक रहमान के पक्ष में मतदान करेंगे। रविवार को बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने चुनाव से कुछ हफ्ते पहले तारिक रहमान का नाम मतदाता सूची में जोड़ने की अनुमति दी।
चुनाव आयोग कार्यालय पहुंचे तारिक रहमान
एक दिन पहले तारिक रहमान ने चुनाव आयोग कार्यालय का दौरा किया था और बायोमेट्रिक पंजीकरण के लिए अपनी उंगलियों के निशान और आंखों की स्कैन प्रक्रिया पूरी की थी। उन्होंने इससे पहले ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण के लिए आवेदन किया था।
पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान और उनकी बेटी जामिया ने शनिवार को चुनाव आयोग में मतदाता पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र (एनआईडी) जारी करने से जुड़ी सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कीं। अब मतदाता सूची में नाम शामिल होने के बाद तारिक रहमान और उनकी बेटी के लिए नया एनआईडी नंबर जारी किया जाएगा।
सत्रह साल बाद लौटे बांग्लादेश
बांग्लादेश में पहली बार 2008 में फोटो और बायोमेट्रिक जानकारी वाली मतदाता सूची लागू की गई थी। उस समय तारिक रहमान राजनीतिक कैदी थे और रिहाई के बाद 11 सितंबर 2008 को लंदन चले गए थे। विदेश में रहने के कारण उनका नाम उस मतदाता सूची में शामिल नहीं हो सका था। 17 साल का स्व-निर्वासन समाप्त करते हुए बीएनपी नेता 25 दिसंबर को लंदन से बांग्लादेश लौटे। उन्होंने ऐसे समय में पार्टी की कमान संभाली है, जब उनकी मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया ढाका के एक अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनकी हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है।